अब सड़कों पर चलेंगे बिना Driver वाले E-Auto! जानें आप कब और कहां कर सकेंगे इसमें सफर?
Babushahi Bureau
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर, 2025 : भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी ओमेगा सेकी मोबिलिटी (Omega Seiki Mobility) ने ऑटोमोबाइल उद्योग में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। कंपनी ने दुनिया का पहला ऑटोनॉमस (बिना ड्राइवर वाला) इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर लॉन्च किया है, जिसका नाम 'स्वयं गति' (Swayamgati) है। यह लॉन्च भारतीय बाजार के लिए एक बड़ी क्रांति माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ऐसी एडवांस तकनीक केवल महंगी कारों तक ही सीमित थी।
इस किफायती लॉन्च के साथ, ओमेगा सेकी ने यह साबित कर दिया है कि भारत सिर्फ वैश्विक टेक्नोलॉजी को अपना ही नहीं सकता, बल्कि उसका नेतृत्व भी कर सकता है।
कीमत और बुकिंग
'स्वयं गति' को एक बेहद प्रतिस्पर्धी कीमत पर बाजार में उतारा गया है ताकि यह छोटे शहरों और व्यवसायों तक भी पहुंच सके।
1. पैसेंजर वेरिएंट: इसकी कीमत 4 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है।
2. कार्गो वेरिएंट: इसका कार्गो (मालवाहक) वेरिएंट जल्द ही 4.15 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में उपलब्ध होगा।
3. बुकिंग: कंपनी ने इसकी बुकिंग तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी है।
एडवांस टेक्नोलॉजी और फीचर्स
'स्वयं गति' को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है, जिसे खास तौर पर भारतीय परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है।
1. ऑटोनॉमस सिस्टम: यह AI-आधारित ऑटोनॉमस सिस्टम पर काम करता है, जिसमें लिडार (Lidar), GPS, मल्टी-सेंसर नेविगेशन और रिमोट सेफ्टी कंट्रोल शामिल हैं।
2. रेंज और बैटरी: एक बार फुल चार्ज होने पर यह 120 किलोमीटर तक की रेंज देता है। इसमें 10.3 kWh की बैटरी लगी है।
3. सुरक्षा: यह 6 मीटर दूर तक की बाधाओं का पता लगा सकता है और सुरक्षित रूप से नेविगेट कर सकता है।
4. सफल परीक्षण: हाल ही में हुए एक पायलट टेस्ट में, इसने बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 7 स्टॉप वाला 3 किलोमीटर का रूट सफलतापूर्वक पूरा किया।
कहां होगा इसका इस्तेमाल?
यह थ्री-व्हीलर विशेष रूप से छोटी दूरी की यात्रा और नियंत्रित क्षेत्रों (Controlled Environments) के लिए बनाया गया है, जैसे:
1. हवाई अड्डे (Airports)
2. टेक्नोलॉजी पार्क (Technology Parks)
3. औद्योगिक हब (Industrial Hubs)
4. स्मार्ट सिटी (Smart Cities)
5. बड़े यूनिवर्सिटी कैंपस
पर्यावरण और लागत में फायदेमंद
1. शून्य उत्सर्जन: पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होने के कारण, यह शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) करता है, जिससे प्रदूषण कम होगा।
2. कम लागत: ड्राइवर की सैलरी खत्म होने से इसकी परिचालन लागत काफी कम हो जाएगी। कंपनी का दावा है कि अतिरिक्त लागत 3 से 5 महीने में वसूल की जा सकती है। इसका रखरखाव खर्च भी बहुत कम है।
यह वाहन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि इसकी कम कीमत इसे छोटे व्यवसायों के लिए भी एक आकर्षक विकल्प बनाती है, जो उन्नत तकनीक को किफायती रूप में अपनाना चाहते हैं।
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