डॉ. परमजीत कौर सिद्धू ने गुरु नानक सिख अध्ययन विभाग के अकादमिक प्रभारी का पदभार संभाला
चंडीगढ़ः पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज़ की चेयरपर्सन डॉ. परमजीत कौर सिद्धू ने आज गुरु नानक सिख अध्ययन विभाग के अकादमिक प्रभारी के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।
इस अवसर पर विभाग के पूर्व अकादमिक प्रभारी प्रो. गुरपाल सिंह संधू, विभाग के संकाय सदस्य तथा कई प्रतिष्ठित विद्वान उपस्थित रहे और उन्होंने डॉ. सिद्धू का स्वागत किया। विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए डॉ. परमजीत कौर सिद्धू ने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विश्वास दिलाया कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ करेंगी। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी सिख अध्ययन तथा धर्म अध्ययन के व्यापक क्षेत्र में विभाग के अकादमिक योगदान को और सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
डॉ. सिद्धू ने सिख धर्म तथा अन्य धार्मिक परंपराओं के अध्ययन के लिए अंतरविषयी एवं तुलनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक परंपराओं का अकादमिक एवं शोधपरक अध्ययन बहुलतावादी समाज में सार्थक संवाद, पारस्परिक समझ और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि सिख दर्शन और इसकी समृद्ध बौद्धिक परंपरा समानता, मानवीय गरिमा, सामाजिक उत्तरदायित्व, बहुलवाद तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों के संबंध में उल्लेखनीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिन पर समकालीन संदर्भ में और अधिक विद्वतापूर्ण अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।
पदभार ग्रहण करने के पश्चात डॉ. सिद्धू ने विभाग के पुस्तकालय तथा मूल्यवान धार्मिक पांडुलिपियों के संग्रह के लिए निर्धारित परिसर का भी दौरा किया।
विभाग के पूर्व अकादमिक प्रभारी प्रो. गुरपाल सिंह संधू ने संक्षिप्त संबोधन में गुरु नानक सिख अध्ययन विभाग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह उत्तर भारत में धर्म अध्ययन के प्रमुख केंद्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि विभाग ने सिख धर्म के अकादमिक अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा विश्व के अन्य धर्मों के अध्ययन के लिए भी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अवसर प्रदान करता है। उन्होंने डॉ. सिद्धू को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर डॉ. देवेश्वर ने कहा कि भारतीय धर्मों और सिख धर्म के बीच एक विशिष्ट एवं सार्थक सामंजस्य देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि धर्म के अकादमिक अध्ययन से जुड़े विद्वानों और शोधार्थियों के लिए इन अंतर्संबंधों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर अकादमिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें प्रो. दीपक मनमोहन, प्रो. सरबजीत सिंह, प्रो. योगराज, प्रो. उमा सेठी, प्रो. गुरप्रीत कौर, डॉ. अकविंदर कौर, डॉ. भूपिंदर कौर, डॉ. सुखविंदर सिंह, डॉ. राजीव कुमार तथा डॉ. परमवीर सिंह सहित विभाग के अनेक संकाय सदस्य, विद्वान और विद्यार्थी शामिल थे।
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