बड़ा भंगाल ट्रैक पर पांच ट्रेकर्स लापता, 12 घंटे से संपर्क नहीं
थमसर पास के आसपास फंसे होने की आशंका, प्रशासन ने शुरू की तलाश; दुर्गम इलाके और खराब मौसम ने बढ़ाई चुनौती
बाबूशाही ब्यूरो
धर्मशाला: 08 अक्तूबर 2026 : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की अति दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी की ओर ट्रेकिंग पर निकले पांच ट्रेकर्स के लापता होने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पिछले करीब 12 घंटे से पांचों ट्रेकर्स से संपर्क नहीं हो पाया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच उनके थमसर पास के आसपास फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार पांचों ट्रेकर्स 5 अक्तूबर को बीड़ से राजगुंधा की ओर निकले थे। इसके बाद उन्हें राजगुंधा से बड़ा भंगाल की तरफ ट्रेक करना था। उनका कार्यक्रम थमसर पास पार कर बड़ा भंगाल पहुंचने का था, लेकिन इसी दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अचानक खराब हो गया। छह और सात अक्तूबर को क्षेत्र में बर्फबारी के साथ मौसम की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी रहीं। इसके बाद से ट्रेकर्स से संपर्क नहीं हो पाया है।
पांचों ट्रेकर्स की पहचान सामने आई
लापता बताए जा रहे पांच ट्रेकर्स की उम्र करीब 28 से 35 वर्ष के बीच बताई गई है। सामने आई जानकारी के अनुसार इनकी पहचान अंकुर मालानी, सत्यम साबू, पवन, श्याम आर. और तरुण राठी के रूप में हुई है। फिलहाल पांचों कहां के रहने वाले हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन के पास पांचों के नाम की जानकारी पहुंचने के बाद बीड़-बिलिंग क्षेत्र में रेस्क्यू से जुड़ी टीमों को भी अलर्ट किया गया है। तलाश अभियान के दौरान थमसर पास, राजगुंधा और बड़ा भंगाल की ओर संभावित स्थानों को खंगाला जाएगा।
थमसर पास के आसपास फंसे होने की आशंका
मौसम खराब होने के कारण आशंका है कि पांचों ट्रेकर्स आगे बढ़ने के बजाय किसी सुरक्षित स्थान पर रुक गए हों। भारी बर्फबारी में ऊंचाई वाले ट्रेक पर आगे बढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा इस क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी भी कई स्थानों पर उपलब्ध नहीं रहती। ऐसे में संपर्क टूटने का कारण खराब मौसम के साथ कमजोर संचार व्यवस्था भी हो सकती है। हालांकि ट्रेकर्स की वास्तविक स्थिति और लोकेशन रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बेहद दुर्गम है बड़ा भंगाल का रास्ता
बड़ा भंगाल कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से जुड़ा बेहद दुर्गम इलाका है। यहां पहुंचने के लिए कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर कई घंटे और कई दिनों का पैदल सफर करना पड़ता है। थमसर पास इस ट्रेक का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है। जिला प्रशासन के अनुसार थमसर पास धौलाधार की ऊंची पर्वत श्रृंखला में करीब 4,735 से 4,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां चढ़ाई, चट्टानी हिस्सों और बर्फीले क्षेत्र के कारण ट्रेकिंग कठिन हो जाती है।
बड़ा भंगाल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि सामान्य परिस्थितियों में भी यहां रेस्क्यू अभियान आसान नहीं होता। खराब मौसम, बर्फबारी और सीमित संचार व्यवस्था के कारण राहत दलों को भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
रेस्क्यू टीमों के सामने मौसम सबसे बड़ी चुनौती
पांचों ट्रेकर्स की तलाश में जुटने वाली टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम की है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में लगातार बर्फबारी होने की स्थिति में ट्रेक पर आवाजाही मुश्किल हो जाती है। रास्ते बर्फ से ढक जाने के कारण पुराने ट्रैक को पहचानना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल पांचों ट्रेकर्स का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीमों को अत्यधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध अन्य बचाव संसाधनों की भी मदद ली जा सकती है।
मोबाइल नेटवर्क की कमी भी बनी वजह
बड़ा भंगाल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हाल ही में क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध करवाने के लिए टावर स्थापित करने की तैयारियां भी शुरू की गई हैं, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वहां नेटवर्क सुविधा पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है।
ऐसे में ट्रेकिंग के दौरान मोबाइल फोन से संपर्क टूट जाना असामान्य स्थिति नहीं है। लेकिन निर्धारित समय पर ट्रेकर्स के गंतव्य तक नहीं पहुंचने और लंबे समय तक संपर्क नहीं होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
सुरक्षित लौटने की उम्मीद
फिलहाल प्रशासन और रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान पांचों ट्रेकर्स का पता लगाने पर है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम की स्थिति में ट्रेकर्स का किसी सुरक्षित स्थान पर रुक जाना भी संभव है। ऐसे में जब तक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की पुष्टि नहीं करती, तब तक उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
प्रशासन की ओर से ट्रेकिंग पर जाने वाले लोगों से भी अपील की जा रही है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और निर्धारित ट्रेकिंग रूट से बाहर न जाएं। खासकर बर्फबारी के दौरान थमसर पास और बड़ा भंगाल जैसे अति दुर्गम ट्रेक पर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल पांचों ट्रेकर्स के सुरक्षित मिलने की उम्मीद के बीच रेस्क्यू अभियान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। (SBP)
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