स्वामी विवेकानंद के विचारों के माध्यम से चेतना, मानवीय मूल्यों और राष्ट्र निर्माण पर विचार-चर्चा
चंडीगढ़: गुरु नानक सिख अध्ययन विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ और बाबा फतेह सिंह स्टडी सर्कल द्वारा संयुक्त रूप से “स्वामी विवेकानंद और चेतना” विषय पर विशेष विचार-चर्चा का आयोजन किया गया।
विभाग की अकादमिक प्रभारी डॉ. परमजीत कौर सिद्धू ने विचार-चर्चा के मुख्य वक्ता डॉ. निखिल यादव और उपस्थित श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हुए विषय की महत्ता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उच्च चेतना, सार्थक सोच और नैतिक मूल्य किसी भी स्वस्थ एवं आदर्श समाज के निर्माण के मूल आधार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वामी विवेकानंद ने अपने क्रांतिकारी विचारों, आध्यात्मिक दृष्टिकोण और मानवतावादी संदेश के माध्यम से भारतीय समाज की चेतना को नई दिशा प्रदान की तथा युवा पीढ़ी को आत्मविश्वास, स्वाभिमान और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विवेकानंद केंद्र, उत्तर प्रांत के उप प्रमुख डॉ. निखिल यादव मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों, चेतना, मानवीय मूल्यों और समकालीन समाज में उनकी प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को एक आदर्श पुरुष के रूप में देखा। डॉ. निखिल यादव ने स्वामी विवेकानंद की पंजाब यात्रा और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके विचारों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भगत सिंह ने भी अपने एक लेख में स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया है।
इस कार्यक्रम में संस्कृत विभाग से तोमीर शर्मा, स्वामी विवेकानंद केंद्र, पंचकूला से राजेश मौदगिल तथा बाबा फतेह सिंह स्टडी सर्कल के संस्थापक निदेशक के. पुष्पिंदर सिंह, संयोजक डॉ. परमवीर सिंह और सह-संयोजक करण कुमार सामा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों की ओर से मुख्य वक्ता डॉ. निखिल यादव को पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।