एशियन पैरा गेम्स 2026: चीन पहले, भारत छठे; भारतीय खिलाड़ियों ने 35 मेडल जीते
सुखमिंदर भंगू
जापान, 21 अक्टूबर, 2026: जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक हो रहे पांचवें एशियन पैरा गेम्स 2026 में एशिया के दिव्यांग खिलाड़ी अपनी हिम्मत, लगन और खेल प्रतिभा दिखा रहे हैं। इन खेलों में 45 नेशनल पैरालंपिक कमेटियों के खिलाड़ी 18 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय दल भी अपनी उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ा रहा है और मेडल लिस्ट में आगे चल रहे देशों से मुकाबला कर रहा है।
20 अक्टूबर को मेडल लिस्ट में चीन पहले स्थान पर था, जबकि मेजबान जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर था। साउथ कोरिया चौथे और ईरान पांचवें स्थान पर था। भारत 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज़ समेत कुल 35 मेडल के साथ छठे स्थान पर रहा। मेडल टेबल में देशों की रैंकिंग मुख्य रूप से गोल्ड मेडल की संख्या पर आधारित होती है। इसलिए, ज़्यादा मेडल जीतने के बावजूद किसी देश की रैंकिंग कम हो सकती है। क्योंकि कॉम्पिटिशन 24 अक्टूबर तक चलना है, इसलिए यह रैंकिंग बदल सकती है।
भारत के मेडल जीतने में पैरा एथलेटिक्स का अहम रोल रहा है। देश को दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल समेत कई जाने-माने एथलीट से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की जेवलिन थ्रो F64 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुमित अंतिल भारतीय पैरा एथलेटिक्स के जाने-माने चेहरों में से एक हैं।
भारत के लिए निषाद कुमार का परफॉर्मेंस खास तौर पर चर्चा में रहा है। उन्होंने पुरुषों की हाई जंप T47 और लॉन्ग जंप T47 में गोल्ड मेडल जीतकर दोहरी कामयाबी हासिल की। उनकी यह कामयाबी भारतीय खेल प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। इसके अलावा, दीप्ति जीवनजी, प्रणव सूरमा, देवेंद्र कुमार, सिमरन, रिंकू और सौम्या जैसे खिलाड़ियों ने भी शानदार परफॉर्मेंस करते हुए गोल्ड मेडल जीते और भारत के मेडल जीतने के कैंपेन को मज़बूत किया। शूटिंग में भी भारत ने शानदार शुरुआत की। महिलाओं के 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 इवेंट में मोना अग्रवाल ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा ने सिल्वर मेडल जीता। भारतीय खिलाड़ियों का एक ही इवेंट में पहला और दूसरा स्थान जीतना देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी। पैरा आर्चरी में हरविंदर सिंह और पैरा बैडमिंटन में नितेश कुमार जैसे पैरालंपिक चैंपियन की मौजूदगी ने भी भारतीय टीम से उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे खेलों में भी अपना दम दिखाया। भारत ने पैरा टेबल टेनिस में कई ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अलग-अलग कैटेगरी में खिलाड़ियों को मिली ये सफलताएं दिखाती हैं कि भारत में पैरा स्पोर्ट्स का दायरा लगातार बढ़ रहा है और खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल पर अपना टैलेंट दिखाने के ज़्यादा मौके मिल रहे हैं।
भारत ने 2023 में हांग्जो में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था। भारतीय खिलाड़ियों ने 29 गोल्ड, 31 सिल्वर और 51 ब्रॉन्ज़ समेत कुल 111 मेडल जीते और मेडल टैली में पांचवां स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारत में पैरा स्पोर्ट्स के प्रति दिलचस्पी और उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।
नागोया में चल रहे गेम्स भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी पिछली सफलता को और आगे ले जाने का एक मौका हैं। हर मेडल के पीछे सालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, ट्रेनिंग और मुश्किलों से लड़ने की कहानी है। ये खिलाड़ी साबित कर रहे हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ किसी व्यक्ति के सपनों, हिम्मत और उपलब्धियों की सीमा तय नहीं कर सकतीं। एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रदर्शन सिर्फ़ मेडल की संख्या के बारे में नहीं है, बल्कि देश के लिए ज़बरदस्त हिम्मत, आत्मविश्वास और गर्व की एक प्रेरणा देने वाली कहानी है।
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