Himachal High Court: कानून का मजाक उड़ाना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने एक ही व्यक्ति को लगाए 9 अलग-अलग जुर्माने
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला : 10 जुलाई 2026 : अदालतों का कीमती समय बर्बाद करने और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अब तक का सबसे कड़ा और ऐतिहासिक रुख अपनाया है।
न्यायाधीश राकेश कैंथला ने याचिकाकर्त्ता द्वारा दायर की गईं 9 अलग-अलग याचिकाओं को बेबुनियाद ठहराया और याचिकाओं को खारिज करते हुए प्रत्येक मामले में 10,000 रुपए के हिसाब से उस पर कुल 90,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान अलग-अलग निचली अदालतों के न्यायिक अधिकारियों (जजों) पर बार-बार भ्रष्टाचार के गंभीर और मनगढ़ंत आरोप लगाने के कारण कोर्ट ने याचिकाकर्त्ता के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की यह पूरी राशि 4 हफ्तों के भीतर 'चीफ जस्टिस डिजास्टर रिलीफ फंड' में जमा करवाई जाए।
यह पूरा विवाद याचिकाकर्त्ता के शिमला स्थित एक पब्लिक स्कूल में शिक्षण पद से जुड़े सेवा विवाद और कुछ अन्य मामलों से शुरू हुआ था, जहां उसे दिसम्बर 2019 में निलंबित करने के बाद दिसम्बर 2021 में सेवा से हटा दिया गया था। उसके बाद याचिकाकर्त्ता ने एक के बाद एक लगातार आपराधिक शिकायतें दर्ज करवाना शुरू कर दिया। 2 मामलों में याचिकाकर्त्ता ने सीधे मानवाधिकार आयोग के समक्ष हलफनामा देने वाली एक महिला और एक पुरुष अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने की मांग की। (SBP)
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