दिल्ली ब्रेकिंग: अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार वालों को 'अनमैप्ड कैटेगरी' के तहत SIR नोटिस मिला; AAP ने ECI से सवाल पूछा
बाबूशाही नेटवर्क
नई दिल्ली [भारत], 19 सितंबर (ANI): दिल्ली चुनाव आयोग ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस जारी किए। यह नोटिस राष्ट्रीय राजधानी में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रोसेस के तहत जारी किए गए हैं।
ये नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल और गीता देवी को दिल्ली में "पिछले SIR से अनमैप्ड" (यानी जिनका डेटा पिछले SIR से नहीं मिला) वोटरों की कैटेगरी के तहत जारी किए गए हैं।
दिल्ली चुनाव आयोग के डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पार्ट-51, KG मार्ग के जिन 110 वोटरों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम शामिल हैं।
अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली-40 विधानसभा क्षेत्र में रजिस्टर्ड वोटर हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AAP ने सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट से कैसे गायब हो सकते हैं।
पार्टी ने X पर पोस्ट किया, "क्या इस देश में सब कुछ सिर्फ़ 'सुप्रीम लॉर्ड' को खुश करने के लिए हो रहा है? @ECISVEEP, यह कैसे हो सकता है कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे @ArvindKejriwal जी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब हैं?" (ANI)
इससे पहले गुरुवार को, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र-40 के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) ने चल रहे SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने की मीडिया रिपोर्ट पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम शामिल न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अयोग्य है।
यह सफाई 16 सितंबर को छपी एक मीडिया रिपोर्ट के जवाब में आई थी, जिसका शीर्षक था "केजरीवाल जिस सीट से कम अंतर से हारे थे, वहां 2025 के चुनावों से पहले जोड़े गए लगभग 40% नाम अब SIR ड्राफ्ट से गायब हैं"। इस रिपोर्ट में AC-40 की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न होने पर सवाल उठाए गए थे, जिसमें 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले जोड़े गए वोटर भी शामिल थे। ERO ने अपने प्रेस नोट में कहा कि दिल्ली में वोटर लिस्ट का SIR (स्पेशल समरी रिविज़न), भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि "कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो।"
ERO ने बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने 14 मई, 2026 को जारी ECI के निर्देशों के अनुसार, एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटने और वेरिफिकेशन के लिए घर-घर जाकर सर्वे किया।
ERO ने कहा, "31 अगस्त, 2026 को जारी ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट तय प्रक्रिया और वेरिफिकेशन प्रोसेस के आधार पर तैयार की गई है।" उन्होंने आगे कहा कि यह उन वोटरों द्वारा जमा किए गए एन्यूमरेशन फ़ॉर्म पर आधारित है, जिनके नाम दिल्ली में SIR शुरू होने से पहले वोटर लिस्ट में मौजूद थे।
ERO ने यह भी साफ़ किया कि जिन योग्य लोगों के नाम ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उनके पास 31 अगस्त से 30 सितंबर तक चलने वाले 'दावे और आपत्तियां' (claims and objections) के समय के दौरान फ़ॉर्म 6 के ज़रिए नाम शामिल करवाने का दावा करने का मौका है।
कार्यालय ने कहा, "ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में नाम शामिल न होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति अयोग्य है।"
ECI द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के लिए ड्राफ़्ट लिस्ट जारी किए जाने के बाद 47 लाख से ज़्यादा नाम हटा दिए गए। (ANI)
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