जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ, गर्भगृह से बाहर निकले भगवान जगन्नाथ
पुरीः पुरी में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है। तीनों भव्य रथ पूरी तरह तैयार हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए ग्रैंड रोड पर स्थापित किए गए हैं। सुबह 6 बजे मंगला आरती के बाद अब पाहांडी (श्रृंगार और शोभा यात्रा के रूप में भगवान का रथों तक पहुंचने) की तैयारी की जा रही है। पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के तहत सबसे पहले भगवान सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को गर्भगृह से बाहर लाकर उनके भव्य रथों नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन तक पहुंचाया जा रहा है। रथों पर विराजमान होने से पहले तीनों देवता नए रथों की परिक्रमा करेंगे और रथ बीजे अनुष्ठान के बाद उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया जाएगा।
इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव पारंपरिक छेरा पहंरा अनुष्ठान के तहत स्वर्ण जड़ित झाड़ू से तीनों रथों की सफाई कर सुगंधित पवित्र जल का छिड़काव करेंगे। सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने और रथों में लकड़ी के घोड़े जोड़े जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु रथों को खींचना शुरू करेंगे। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और अंत में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना होगा।
ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद करीब दो लाख श्रद्धालु पहले पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक रथों की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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