Himachal Pradesh: Kullu : Kasol : पार्वती घाटी की लोड कैरिंग क्षमता का हो अध्ययन : सुंदर सिंह ठाकुर
घाटी में पर्यटन, यातायात और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर मंथन
बाबूशाही ब्यूरो
कसोल, 22 जून 2026 : पार्वती घाटी में पर्यटन, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर लोकल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (लाडा) की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को वन विभाग विश्राम गृह, कसोल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लाडा के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने की।
कसोल, मणिकर्ण तथा आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और विकासात्मक आवश्यकताओं पर आयोजित बैठक में उपायुक्त, अनुराग चंद्र शर्मा विशेष रूप में उपस्थित रहे।
विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने एनएचपीसी अधिकारियों को लाडा के अंतर्गत देय राशि शीघ्र जमा करवाने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र के विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके। बैठक में पार्वती घाटी में लगातार बढ़ रहे पर्यटन दबाव और यातायात संबंधी चुनौतियों पर विशेष मंथन हुआ। सड़क मार्गों की स्थिति, विभिन्न स्लाइडिंग प्वाइंट्स पर जमा मलबे को हटाने, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान तथा यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। वॉल्वो बसों की आवाजाही के समय को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सीमित करने का सुझाव भी रखा गया ताकि यातायात जाम की समस्या को कम किया जा सके।
इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने हाल ही में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पार्वती घाटी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रीट लाइट और सीवरेज व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि मणिकर्ण और कसोल जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र की लोड कैरिंग कैपेसिटी का वैज्ञानिक आकलन करवाना आवश्यक है। इसके लिए किसी पेशेवर एजेंसी अथवा विशेषज्ञ टीम से विस्तृत अध्ययन करवाने का सुझाव दिया गया ताकि ओवर-टूरिज्म से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समय रहते समाधान खोजा जा सके और पर्यटन को टिकाऊ स्वरूप प्रदान किया जा सके।
विधायक ने एनएचपीसी अधिकारियों को मणिकर्ण-बरशैणी सड़क मार्ग की मरम्मत तथा मार्ग पर पड़े मलबे को समयबद्ध तरीके से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क से संबंधित भूमि एनएचपीसी के नाम दर्ज है, इसलिए इसे लोक निर्माण विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, जिससे सड़क के रखरखाव और उन्नयन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मणिकर्ण में पर्यटन विभाग की भूमि पर एक पार्क विकसित करने के लिए लाडा से धनराशि उपलब्ध करवाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त कसोल और मणिकर्ण क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाने तथा निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर भी बैठक में व्यापक चर्चा हुई। क्षेत्र में कूड़ा-कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा लोगों को कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में उपस्थित सभी विभागों एवं जनप्रतिनिधियों ने पार्वती घाटी को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास के बीच संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तथा जनसुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार, एनएचपीसी के महाप्रबंधक मोहम्मद सुहेल, उपमहाप्रबंधक मोहम्मद गालिब अज़ीज़, पुलिस, लोक निर्माण, जल शक्ति, पर्यटन, परिवहन, विद्युत तथा प्रदूषण नियंत्रण विभागों के अधिकारियों के अलावा होटल एवं टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधि, पंचायत प्रधान, उपप्रधान तथा बीडीसी सदस्य उपस्थित रहे। (SBP)
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