Himachal Pradesh Railway Expansion: दिसंबर तक धरोट पहुंचेगी ट्रेन, अगले साल बिलासपुर; रेल विकास निगम ने जारी की प्रगति रिपोर्ट
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 12 अप्रैल 2026 : भानुपल्ली से धरोट तक ट्रेन दिसंबर तक चलाने का लक्ष्य है। वहीं, धरोट से बिलासपुर तक रेल सेवा शुरू करने के लिए दिसंबर तक का समय तय किया गया है, जबकि बिलासपुर-बैरी खंड की समयसीमा अभी तय नहीं हो पाई है। हिमाचल प्रदेश की बहुप्रतीक्षित भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना को लेकर रेल विकास निगम ने ताजा प्रगति रिपोर्ट जारी की है।
गौरतलब है कि उत्तर रेलवे मुख्यालय ने धरोट स्टेशन की टीएसआईपी (सिग्नल इंटरलॉकिंग प्लान) को लेकर कुछ आपत्तियां उठाई थीं। इसके जवाब में आरवीएनएल चंडीगढ़ के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक परियोजना/सिविल ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और निष्पादन लक्ष्य मुख्यालय को भेजे हैं। मुख्यालय ने खासतौर पर परियोजना के दोनों चरणों की समयसीमा और भानुपल्ली स्टेशन की स्थिति पर जानकारी मांगी थी। परियोजना की कुल लंबाई करीब 63.1 किलोमीटर है, जिसे अलग-अलग सेक्शनों में बांटकर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
भानुपल्ली से धरोट तक ट्रेन दिसंबर तक चलाने का लक्ष्य है। वहीं, धरोट से बिलासपुर तक रेल सेवा शुरू करने के लिए दिसंबर तक का समय तय किया गया है, जबकि बिलासपुर-बैरी खंड की समयसीमा अभी तय नहीं हो पाई है। हिमाचल प्रदेश की बहुप्रतीक्षित भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन परियोजना को लेकर रेल विकास निगम ने ताजा प्रगति रिपोर्ट जारी की है।
दरअसल, उत्तर रेलवे मुख्यालय ने धरोट स्टेशन की टीएसआईपी (सिग्नल इंटरलॉकिंग प्लान) को लेकर कुछ आपत्तियां उठाई थीं। इसके जवाब में आरवीएनएल चंडीगढ़ के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक परियोजना/सिविल ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और निष्पादन लक्ष्य मुख्यालय को भेजे हैं। मुख्यालय ने खासतौर पर परियोजना के दोनों चरणों की समयसीमा और भानुपल्ली स्टेशन की स्थिति पर जानकारी मांगी थी। परियोजना की कुल लंबाई करीब 63.1 किलोमीटर है, जिसे अलग-अलग सेक्शनों में बांटकर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
पहले चरण में भानुपाली-थलू 7.15 किमी और थलू-धरोट 9.9 किमी सेक्शन शामिल हैं। भानुपल्ली-थलू चरण में 98 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है और ट्रैक लिंकिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। थलू-धरोट चरण में भी 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इन चरणों में अर्थवर्क, ब्लैंकेटिंग और स्टेशन निर्माण तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दूसरे चरण में धरोट से पहाड़पुर, जकातखाना होते हुए बिलासपुर तक 34.551 किलोमीटर लंबा सेक्शन शामिल है। इस हिस्से में अभी कार्य प्रगति पर है, जहां कई स्थानों पर निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण धीमा भी रहा है। इसके बावजूद दिसंबर 2027 तक इस हिस्से को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंतिम चरण बिलासपुर-बैरी करीब 10.8 किमी में अभी केवल एक प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक भानुपल्ली से बिलासपुर तक अधिकांश मुख्य टनलों का निर्माण कार्य 90 से 100 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जबकि बिलासपुर-बैरी खंड में यह अभी 20 प्रतिशत के आसपास है। इसके अलावा थलू-धरोट खंड में मेजर ब्रिज का कार्य लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा हुआ है।
93 से 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा
बिलासपुर तक के अधिकांश हिस्सों में 93 से 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। साथ ही वन विभाग से सभी आवश्यक मंजूरियां भी मिल चुकी हैं, जिससे निर्माण कार्य में आ रही बड़ी बाधाएं दूर हो गई हैं। हालांकि बिलासपुर-बैरी चरण में भूमि अधिग्रहण का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। भानुपल्ली स्टेशन इस परियोजना का सबसे अहम बिंदु बनकर उभरा है। यहां अर्थवर्क, ब्लैंकेटिंग, स्टेशन बिल्डिंग और बैलास्ट रहित ट्रैक का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। (SBP)
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