Himachal Exise : शिमला के 80, मंडी के 20 शराब ठेके अब भी खाली, नीलामी में कारोबारी नहीं दिखा रहे रुचि
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 09 अप्रैल 2026 :
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2026–27 के लिए आबकारी विभाग की ओर से कराई जा रही शराब ठेकों की ऑनलाइन नीलामी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई ठेके अब भी आवंटन से बाहर हैं। जिला शिमला के 80 और मंडी के 20 शराब ठेकों पर फिलहाल ताले लटके हुए हैं, क्योंकि कारोबारी इन्हें लेने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
प्रदेश में कुल 2125 शराब ठेकों में से 2018 ठेकों की ऑनलाइन नीलामी पूरी हो चुकी है। इस तरह विभाग ने करीब 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन शेष ठेकों के लिए बार-बार निविदाएं आमंत्रित करने के बावजूद अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।
इस वर्ष सरकार ने ठेकों के बेस प्राइस में पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि यही वजह है कि खासकर शिमला और मंडी जैसे क्षेत्रों में कारोबारी पीछे हट रहे हैं।
स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों के साथ बिक्री का अनुपात संतुलित नहीं बैठ रहा, जिससे मुनाफे की गुंजाइश कम हो गई है।
वहीं कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में स्थिति अलग देखने को मिली। इन दोनों जिलों के सभी शराब ठेकों को तेलंगाना की एक कंपनी ने अपने नाम कर लिया है। इससे साफ है कि जहां स्थानीय कारोबारी हिचकिचा रहे हैं, वहीं बाहरी कंपनियां इन ठेकों को लेने में आगे आ रही हैं।
आबकारी विभाग शेष बचे ठेकों के लिए रोजाना ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इन ठेकों का भी आवंटन कर दिया जाएगा, ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लाई जा सके।
सरकार ने इस वर्ष शराब ठेकों की नीलामी से करीब 2900 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। बीते वित्तीय वर्ष में सरकार को करीब 2800 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस बार कर एवं आबकारी विभाग ने पिछले वर्ष की तरह पुराने ठेकेदारों को अतिरिक्त समय देने का फैसला नहीं लिया है। साथ ही, सरकारी उपक्रमों को भी इस बार शराब ठेके चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। (SBP)
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