Breaking News : हिमाचल जाने वालों के लिए जरूरी खबर: आज इन मार्गों पर लग सकता है जाम, किसान संगठनों का टोल टैक्स के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन
कीरतपुर-मनाली फोरलेन समेत हिमाचल से जुड़े प्रमुख मार्गों पर चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहने के आसार
बाबूशाही नेटवर्क
बिलासपुर/नंगल : 01 जून 2026 : हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों पर बढ़ाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में पंजाब मोर्चा, कीर्ति किसान मोर्चा और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सोमवार को हिमाचल की सीमाओं पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम का ऐलान किया है। प्रदर्शन के चलते हिमाचल आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा प्रवेश कर में की गई बढ़ोतरी आम लोगों, व्यापारियों, टैक्सी ऑपरेटरों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर कीर्ति किसान मोर्चा के नेता बीर सिंह बड़वा और हरप्रीत सिंह भट्टो भी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग (कीरतपुर-मनाली फोरलेन) सहित हिमाचल को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्गों पर करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रह सकता है। विभिन्न किसान, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।
55 प्रवेश और निकास बिंदुओं पर विरोध
किसान संगठनों और संघर्ष समिति ने पंजाब तथा हरियाणा से सटी हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर स्थित 55 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसके चलते नंगल, रोपड़, मैहतपुर, बिलासपुर, परवाणू और अन्य प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लगने की आशंका है।
क्यों हो रहा है विरोध?
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश कर में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके तहत निजी कारों का एंट्री टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है, जबकि अन्य श्रेणियों के वाहनों पर भी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। किसान और व्यापारी संगठन इसे जनविरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
सोमवार को हिमाचल प्रदेश की ओर यात्रा करने वाले पर्यटक और अन्य यात्री घर से निकलने से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। विशेषकर चंडीगढ़-मनाली मार्ग, नंगल-ऊना मार्ग और परवाणू क्षेत्र में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। (SBP)
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