दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म 'पंजाब 95' का नाम बदलकर 'सतलुज' किया गया, फ़िल्म ZEE5 पर रिलीज़
बाबूशाही नेटवर्क
मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 3 जुलाई (ANI): कई मुश्किलों का सामना करने के बाद, एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ की फ़िल्म 'सतलुज' (जिसका पहले नाम 'पंजाब 95' था) ZEE5 पर रिलीज़ हो गई है।
यह फ़िल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी पर आधारित है, जो 1995 में लापता हो गए थे।
हनी त्रेहान के निर्देशन और RSVP व मैकगफ़िन पिक्चर्स के प्रोडक्शन में बनी 'सतलुज' में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं।
फ़िल्म के बारे में बात करते हुए दिलजीत दोसांझ ने एक प्रेस नोट में कहा, "भाई जसवंत सिंह खालरा जी की शहादत और मानवता के लिए उनके योगदान की वजह से ही मैंने इस फ़िल्म का हिस्सा बनने का फ़ैसला किया। जब मैंने पहली बार इसकी स्क्रिप्ट सुनी, तो मैं बहुत प्रभावित हुआ, क्योंकि यह असल लोगों के अनुभवों, संघर्षों और बलिदानों पर आधारित है। एक कलाकार के तौर पर, ऐसी सार्थक कहानियों का हिस्सा बनने का मौका कम ही मिलता है। स्क्रिप्ट सुनते ही मुझे फ़िल्म के प्रति एक बड़ी ज़िम्मेदारी महसूस हुई और मैं ऐसे प्रेरणादायक किरदार को सच्चाई, ईमानदारी और पूरे सम्मान के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध था।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारी फ़िल्म 'सतलुज' पक्के इरादे, हिम्मत और इंसानियत की कहानी है, और इस किरदार को निभाना मेरे करियर के सबसे सार्थक अनुभवों में से एक रहा है। मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि दुनिया भर के दर्शक अब ZEE5 पर यह फ़िल्म देख सकते हैं और एक ऐसी कहानी से जुड़ सकते हैं जो बहुत निजी भी है और जिसे हर किसी को ज़रूर देखना चाहिए।" न्यूज़ सब्सक्रिप्शन सर्विस
डायरेक्टर हनी त्रेहान ने कहा, "शुरू से ही हमारा मकसद इस कहानी को ईमानदारी, संवेदनशीलता और बिना किसी समझौते के बताना था। लंबे इंतज़ार के बाद, दर्शक आखिरकार हमारी मेहनत और लगन का नतीजा देख पाएंगे। 'सतलुज' सिर्फ़ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है; यह मुश्किल हालात में भी इंसानी जज़्बे की मज़बूती को सलाम है। फ़िल्म से जुड़े सभी लोगों को इस कहानी की अहमियत पर पूरा भरोसा था, क्योंकि यह महान शहीद जसवंत सिंह की ज़िंदगी से प्रेरित है।"
हिंदी ज़ी5 (Zee5) की बिज़नेस हेड कावेरी दास ने कहा कि यह फ़िल्म "हिम्मत, मज़बूती और इंसाफ़ की लड़ाई के बारे में है और इसे ऐसे प्लेटफ़ॉर्म की ज़रूरत है जो पूरे भरोसे के साथ इसके साथ खड़ा हो।"
रिलीज़ होने तक इस प्रोजेक्ट के तीन नाम रहे हैं। शुरू में इसका नाम "घल्लूघारा" था, जो 1746, 1762 और 1984 में सिखों के नरसंहार के लिए इस्तेमाल होने वाला एक ऐतिहासिक शब्द है। 'वैरायटी' के अनुसार, जब RSVP ने 2022 के आखिर में भारत के सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन से सर्टिफ़िकेशन के लिए अप्लाई किया, तो छह महीने की प्रक्रिया के बाद फ़िल्म को 21 कट और नाम बदलकर 'पंजाब '95' करने की शर्त के साथ मंज़ूरी मिली।
RSVP ने बॉम्बे हाई कोर्ट में उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की। उसी दौरान, फ़िल्म को 2023 टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में होने वाले इसके तय गाला प्रीमियर से हटा लिया गया; उस समय एक सूत्र ने 'वैरायटी' को बताया था कि उस फ़ैसले के पीछे राजनीतिक कारण थे।
त्रेहान ने 'वैरायटी' को दिए एक बयान में कहा, "हमें फ़िल्म का पिछला टाइटल नहीं मिल सका। अब इसका टाइटल 'सतलुज' है।" (ANI)
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