Himachal Weather Alert: हिमाचल में 17 जुलाई तक बरसेंगे बदल, पांच जिलों में आज भी भारी बारिश की चेतावनी; जानें मौसम अपडेट
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला/कुल्लू: 12 जुलाई 2026 : हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शुक्रवार रात और शनिवार को हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
कुल्लू और शिमला में सर्वाधिक प्रभाव
कुल्लू जिले में पिन पार्वती नदी के उफान पर आने से छह से अधिक पुलियां बह गईं, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। शाक्टी क्षेत्र के दो मकानों में पानी घुसने के बाद प्रशासन ने उन्हें खाली करवा लिया है। जिले में अभी भी 51 सड़कें बंद हैं, जिससे आवागमन बाधित है।
राजधानी शिमला में भी स्थिति गंभीर है। संजौली के बोथवेल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण चार मकानों और दो दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। न्यू शिमला सहित कई इलाकों में मलबा गिरने से वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
प्रदेशभर में व्यापक असर
कुल्लू और शिमला के अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों में भी मानसून का प्रभाव देखा जा रहा है। सिरमौर में 50 सड़कें बंद हैं, 25 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं और 58 पेयजल व छह सिंचाई योजनाएं बाधित हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 189 सड़कें, 146 बिजली ट्रांसफार्मर और 104 पेयजल योजनाएं प्रभावित हो चुकी हैं।
आगामी दिनों के लिए चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार, 12 जुलाई को भी कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। कांगड़ा में विशेष रूप से एक-दो स्थानों पर अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, आंधी और बिजली चमकने की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 17 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि, अगले चार से पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
प्रशासन की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य पहले से ही भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहा है।
नुकसान का आकलन जारी
भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सड़कों, बिजली आपूर्ति और पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से जनजीवन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी गहरा असर पड़ा है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
कार्ट रोड पर भूस्खलन, देवदार का पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित
राजधानी शिमला में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद रविवार को कार्ट रोड पर भूस्खलन हो गया। लिफ्ट के समीप कार्ट रोड को चौड़ा करने के लिए की गई पहाड़ी की कटिंग के बाद मिट्टी खिसक गई, जिससे एक देवदार का पेड़ सड़क पर आ गिरा। घटना के बाद एहतियात के तौर पर कार्ट रोड पर यातायात रोक दिया गया।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मौके पर जेसीबी मशीनें और मजदूर तैनात कर पेड़ को काटकर हटाने तथा भूस्खलन का मलबा साफ करने का कार्य शुरू कर दिया है। रविवार होने के कारण अन्य दिनों की तुलना में कार्ट रोड पर वाहनों की आवाजाही कम रही, जिससे यातायात व्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस भूस्खलन में किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मलबा और पेड़ हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है तथा जल्द ही कार्ट रोड पर यातायात सामान्य कर दिया जाएगा। (SBP)
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