करवा चौथ पर आज हिमाचल में सार्वजनिक अवकाश, जानें आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद
कल्पा में सबसे पहले और चंबा में सबसे देर से होंगे चंद्रमा के दर्शन, शिमला में रात 8:04 बजे चंद्रोदय का अनुमान; सरगी से लेकर पूजा के शुभ मुहूर्त तक जानें पूरी जानकारी
Babushahi Bureau
शिमला: 29 October 2026 : पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ हिमाचल प्रदेश में आज 29 अक्तूबर को करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखा। दिनभर निर्जल उपवास के बाद शाम को करवा माता की पूजा-अर्चना और व्रत कथा सुनने की परंपरा निभाई जाएगी। रात को चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत खोला जाएगा। इस बार करवा चौथ को लेकर प्रदेश में एक और खास बात है। राज्य सरकार ने 29 अक्तूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इससे सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहेगी। इस फैसले से महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष कर्मचारियों को भी परिवार के साथ त्योहार मनाने का अवसर मिला है।
हिमाचल में कहां कितने बजे निकलेगा चांद?
करवा चौथ के दिन महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जारी चार्ट के अनुसार प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का अनुमानित समय इस प्रकार है।
- कल्पा: रात 7:59 बजे
- भुंतर: रात 8:02 बजे
- केलांग: रात 8:02 बजे
- शिमला: रात 8:04 बजे
- सोलन: रात 8:05 बजे
- नाहन: रात 8:05 बजे
- सुंदरनगर: रात 8:06 बजे
- ऊना: रात 8:07 बजे
- बिलासपुर: रात 8:07 बजे
- धर्मशाला: रात 8:08 बजे
- हमीरपुर: रात 8:08 बजे
- चंबा: रात 8:10 बजे
इन अनुमानों के अनुसार किन्नौर के कल्पा में सबसे पहले रात 7:59 बजे चंद्रमा के दर्शन हो सकते हैं, जबकि चंबा में रात 8:10 बजे चंद्रोदय का अनुमान है। कुल्लू जिले के भुंतर में रात 8:02 बजे और राजधानी शिमला में रात 8:04 बजे चांद निकलने का समय बताया गया है। हालांकि, ये समय अनुमानित हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल, धुंध, पहाड़ों की स्थिति और आसपास की इमारतों के कारण चंद्रमा दिखाई देने में कुछ देर हो सकती है।
सरगी और पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त?
करवा चौथ की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जाती हैं। परंपरा के अनुसार विवाहित महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसमें परिवार की बुजुर्ग महिलाएं, विशेषकर सास, बहू को सरगी देती हैं। सरगी में खानपान की चीजें और शृंगार सामग्री शामिल हो सकती है। शिमला के गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, इस वर्ष चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:11 बजे तक रहेगी।
बताई गई जानकारी के मुताबिक:
- सरगी ग्रहण करने का समय: सुबह 3:30 से 5:30 बजे तक।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 से 6:56 बजे तक।
शाम को महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं। पूजा में करवा, दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और अन्य पारंपरिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। व्रत कथा सुनने और सुनाने की भी परंपरा है।
चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूरा होगा व्रत
करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर उनकी पूजा करती हैं। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत खोलती हैं। कई स्थानों पर चंद्र दर्शन के दौरान छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने की परंपरा भी निभाई जाती है। करवा चौथ केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि पारिवारिक आस्था, परंपरा और आपसी रिश्तों से जुड़ा त्योहार भी है। बदलते समय के साथ कई परिवारों में पति भी पत्नी के साथ व्रत रखने लगे हैं। ऐसे में यह पर्व दांपत्य जीवन में सहभागिता और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बनता जा रहा है।
सार्वजनिक अवकाश से कर्मचारियों को राहत
हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ के अवसर पर 29 अक्तूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। इस निर्णय से महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष कर्मचारियों को भी छुट्टी का लाभ मिलेगा। इससे पहले रक्षाबंधन के अवसर पर भी पुरुष कर्मचारियों के लिए छुट्टी का निर्णय चर्चा में रहा था। हालांकि, सरकार की ओर से घोषित यह अवकाश परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के तहत आने वाला अवकाश नहीं है।
एचपीयू की परीक्षाएं भी स्थगित
करवा चौथ के सार्वजनिक अवकाश का असर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं पर भी पड़ा है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 29 अक्तूबर को निर्धारित कुछ परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इनमें बीसीए प्रथम सेमेस्टर का गणित और तीसरे तथा पांचवें सेमेस्टर के ऑपरेटिंग सिस्टम के पेपर शामिल हैं। इसके अलावा बीए, बीएससी और बीकॉम की अनुपूरक परीक्षाओं के तहत समाजशास्त्र, कंप्यूटर एप्लीकेशन, हिंदी, रसायन विज्ञान, पर्यटन, राजनीति विज्ञान, भूविज्ञान और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं।स्थगित परीक्षाओं की नई तारीखें अलग से घोषित की जाएंगी। विद्यार्थियों को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाएं देखने की सलाह दी गई है। (SBP)
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