चक्रवात अर्नब: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अमित शाह को पत्र लिखा; नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह किया
अमरावती (आंध्र प्रदेश), 28 अक्टूबर, 2026 (ANI): आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से मदद मांगी है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में चक्रवात की भीषणता के कारण फसलों, घरों, सड़कों और बिजली के खंभों को हुए नुकसान का जिक्र किया है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द टीमें भेजी जाएं।
चक्रवात से राहत और बचाव कार्यों के लिए 14 जिलों में NDRF की लगभग 16 और SDRF की 11 टीमें तैनात की गई हैं। चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से 28,000 से अधिक लोगों को पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया गया है। नायडू ने बताया कि सरकार की पहले से की गई तैयारियों के कारण अब तक किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तूफान की भीषणता के बावजूद, प्रशासन की त्वरित तैयारियों की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, अनाकापल्ली और कृष्णा जिले चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operations Centre) चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
नायडू ने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों, बिजली की बहाली और पीने के पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन करने के बाद केंद्र को एक व्यापक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग जारी रखा जाए।
विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने केंद्र सरकार से लगातार सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया और अमित शाह से अपील की कि नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द एक केंद्रीय टीम भेजी जाए।
मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश को लगातार समर्थन देने के लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया। बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने लगभग 32,000 कर्मचारियों के साथ एक टेलीकॉन्फ्रेंस की। इसमें जिला कलेक्टरों से लेकर फील्ड-स्तर के कर्मचारी शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य चक्रवात 'अरनाब' के असर और पूरे राज्य में चलाए जा रहे राहत व बहाली कार्यों की समीक्षा करना था।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने फसलों को हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को इसका शुरुआती अनुमान तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने चक्रवात के असर की समीक्षा रात 1:30 बजे तक की और बुधवार सुबह 6:30 बजे टेलीकॉन्फ्रेंस आयोजित की।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्र सरकार को इस बारे में जानकारी दें कि राज्य सरकार चक्रवात के असर से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और फील्ड-स्तर के कर्मचारियों की तारीफ की, जिन्होंने लोगों की परेशानी कम करने के लिए पूरी रात काम किया। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे इसी लगन के साथ अपना काम जारी रखें, जब तक कि चक्रवात का असर पूरी तरह खत्म न हो जाए और हालात सामान्य न हो जाएं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाकर अगले दो घंटों के भीतर यातायात बहाल किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर गिरे पेड़ों को तुरंत हटाया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि प्रभावित इलाकों में बंद बिजली आपूर्ति को जैसे ही तेज हवाएं रुकें और हालात अनुकूल हों, बहाल कर दिया जाना चाहिए। चक्रवात आश्रय स्थलों (शेल्टर) पर पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, खेतों में पानी घुसने से रोकने और बागवानी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जलाशयों और सिंचाई नहरों को टूटने से बचाने के लिए कड़े एहतियाती उपाय लागू किए जाने चाहिए। (ANI)
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