कुदरत का तांडव! 7.8 तीव्रता के भूकंप से कांपी धरती; सुनामी का अलर्ट जारी
जकार्ता/टर्नेट: इंडोनेशिया के मोलुक्का सागर में आज सुबह आए एक बेहद शक्तिशाली भूकंप ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में सुनामी (Tsunami) की चेतावनी जारी कर दी है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भीषण झटका आज सुबह (2 अप्रैल 2026) करीब 04:18 बजे महसूस किया गया।
समुद्र के नीचे 10 KM की गहराई पर था केंद्र
भूकंप का केंद्र टर्नेट शहर से लगभग 119 किलोमीटर दूर पश्चिम-उत्तरपश्चिम में जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कम गहराई पर आए इतने शक्तिशाली भूकंप के कारण समुद्र की लहरें भयानक रूप ले सकती हैं, जिसे देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचाइयों पर जाने की सलाह दी गई है।
खौफ के साए में 'रिंग ऑफ फायर'
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे खतरनाक भूकंपीय क्षेत्र 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है। यहाँ टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल के कारण अक्सर विनाशकारी भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। हाल ही में टोंगा (Tonga) में आए 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद भी इसी तरह के कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, जो इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
पुरानी यादों ने ताजा किया जख्म: इंडोनेशिया के लिए भूकंप और सुनामी का इतिहास बेहद दर्दनाक रहा है:
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2018: सुलावेसी में आए भूकंप और सुनामी ने 4,300 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी।
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2022: सियानजुर में 5.6 की तीव्रता वाले छोटे भूकंप में भी 602 लोगों की मौत हुई थी।
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2004 का महाविनाश: हिंद महासागर में आई सुनामी ने 12 देशों में कहर ढाया था, जिसमें अकेले इंडोनेशिया के आचे (Aceh) प्रांत में सबसे ज्यादा तबाही हुई थी और कुल 2.3 लाख लोग मारे गए थे।
प्रशासन की अपील: तटों से दूर रहे
इंडोनेशियाई अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि जब तक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित घोषित न कर दी जाए, कोई भी व्यक्ति समुद्र तटों के पास न जाए। फिलहाल राहत और बचाव टीमें अलर्ट मोड पर हैं और जान-माल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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