गृह मंत्री शाह से मुलाकात के बाद सीएम मान का आया बड़ा बयान
नई दिल्ली/चंडीगढ़ 17 जनवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए और केंद्र सरकार के कुछ फैसलों पर कड़ी आपत्ति जताई। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पंजाब के हितों की रक्षा के लिए कई बड़ी बातें कहीं। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने केंद्र के प्रस्तावित 'सीड एक्ट' पर अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब की सहमति के बिना विदेशी बीज राज्य में कैसे आ सकता है? उन्होंने साफ कहा कि यह एक्ट संसद में पास नहीं होना चाहिए क्योंकि यह किसानों के हितों के खिलाफ हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ स्थित FCI (फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) में किसी विदेशी राज्य से जनरल मैनेजर (GM) की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया। उन्होंने मांग की कि पंजाब में FCI का हेड पंजाब कैडर का ही अधिकारी होना चाहिए ताकि स्थानीय जरूरतों और भाषा को समझा जा सके।CM मान ने कहा कि केंद्र को राज्य के अधिकारों में दखल नहीं देना चाहिए और खेती से जुड़े फैसलों में पंजाब की राय लेना जरूरी है। पानी के मुद्दे पर बात करते हुए CM मान ने साफ किया कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए फालतू पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बातचीत या किसी और तरीके से हमेशा के लिए सुलझा लेना चाहिए क्योंकि पंजाब की स्थिति बिल्कुल साफ है।
RDF (रूरल डेवलपमेंट फंड) का बकाया
मुख्यमंत्री ने पंजाब का करीब 8,500 करोड़ रुपये का बकाया RDF जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल मंडियों में सड़कें बनाने के लिए किया जाना है। अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे और पहली किस्त जारी करने पर विचार करेंगे।
FCI में पंजाब के अधिकारी और 60:40 का अनुपात
मुख्यमंत्री ने मांग की कि चंडीगढ़ में FCI (फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) का GM (GM) पंजाब कैडर का होना चाहिए, क्योंकि उन्हें पंजाब की खेती, बाजारों और संस्कृति की बेहतर समझ है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन में पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों का 60:40 का अनुपात सख्ती से बनाए रखा जाना चाहिए। अनाज का स्टोरेज और मूवमेंट
पंजाब के गोदामों में पड़े चावल के स्टॉक को खाली करने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की गई, ताकि अप्रैल में आने वाली गेहूं की फसल को स्टोर करने के लिए जगह बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब देश के फूड बैंक में 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं देने के लिए तैयार है।
इंटरनेशनल बॉर्डर (तार) के पार की ज़मीनें
मुख्यमंत्री ने बॉर्डर के किसानों का एक बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हज़ारों एकड़ ज़मीन कांटेदार तार के पार है, जहाँ किसानों को खेती करने में मुश्किल होती है। उन्होंने तार को और आगे (ज़ीरो लाइन के पास) बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि किसान बिना किसी डर या रुकावट के अपनी खेती कर सकें। गृह मंत्री ने इस मुद्दे पर पॉज़िटिव जवाब दिया है।
आढ़तियों की मांगें
CM मान ने आढ़तियों के कमीशन और उनकी दूसरी पेंडिंग मांगों के बारे में भी बात की और केंद्र से अपील की कि वह उनके एसोसिएशन के साथ मीटिंग करके इन मुद्दों को सुलझाए।
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