ब्रेकिंग: जगत्तार सिंह हवारा को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर, 2026 (ANI): पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार को जगत्तार सिंह हवारा की पैरोल याचिका पर सुनवाई की, लेकिन सुनवाई के दौरान उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को रजिस्ट्री में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोई बहस नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
जगत्तार सिंह हवारा जेल में हैं क्योंकि उन्हें 1995 में पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दोषी ठहराया गया था। (ANI)
हवारा को 21 सितंबर, 1995 को गिरफ्तार किया गया था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उन पर मुकदमा चला और उन्हें दोषी ठहराया गया। अपनी गिरफ्तारी के दिन से लेकर आज तक वे जेल में ही हैं; उन्हें जेल में बंद हुए 28 साल से अधिक समय हो चुका है।
ट्रायल कोर्ट ने 27 मार्च, 2007 के अपने आदेश में हवारा को दोषी करार दिया और उन्हें मौत की सजा सुनाई।
बाद में, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 12 अक्टूबर, 2010 के अपने आदेश में इस सजा को बदलकर आजीवन कारावास (जीवन भर के लिए जेल) में तब्दील कर दिया।
इससे पहले अगस्त में, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने मानवीय आधार पर जगत्तार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की थी, जिसका कारण कैदी की मां की बिगड़ती हुई तबीयत बताई गई थी।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सिफारिश इसलिए की गई थी ताकि हवारा अपनी मां से मिल सकें, जिनसे वे तीन दशकों से भी अधिक समय से नहीं मिले हैं।
हाल ही में जगत्तार सिंह हवारा को पैरोल देने के संबंध में एक सिफारिश की गई थी, ताकि मानवीय आधार पर उन्हें पैरोल मिल सके, क्योंकि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री मान ने कहा, "उनकी माँ की इच्छा है कि वे 31 साल बाद उनसे मिलें।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि चूँकि यह मामला केंद्र शासित प्रदेश (UT) में चल रहा है, इसलिए केंद्र सरकार तक यह अनुरोध पहुँचाने में राज्यपाल की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा, "आज मैंने राज्यपाल से मुलाकात की, क्योंकि यह मामला केंद्र शासित प्रदेश में चल रहा है, इसलिए इसमें राज्यपाल की अहम भूमिका होगी और इस विषय को केंद्र के पास भेजा जाएगा। अंतिम फैसला केंद्र को ही लेना है, लेकिन हमने 10 दिन की पैरोल का अनुरोध किया है।" (ANI)
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