भाखड़ा डैम में पानी का लेवल बढ़ा! BBMB की पंजाब समेत पार्टनर राज्यों को बड़ी सलाह
बाबूशाही नेटवर्क
चंडीगढ़, 10 जून, 2026- भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने आने वाले मॉनसून सीजन को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और दूसरे पार्टनर राज्यों के लिए एक ज़रूरी एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने राज्यों से अपील की है कि मॉनसून आने से पहले भाखड़ा डैम से ज़्यादा से ज़्यादा पानी इस्तेमाल करें।
BBMB मैनेजमेंट का तर्क है कि भाखड़ा डैम में पानी का लेवल अभी नॉर्मल से बहुत ज़्यादा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मॉनसून की बारिश और ग्लेशियर पिघलने से आने वाले पानी को संभालने के लिए डैम को खाली करना बेहद ज़रूरी है। सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड ने इस गंभीर मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री को एक ऑफिशियल लेटर भी लिखा है।
मंगलवार को चंडीगढ़ में BBMB हेडक्वार्टर में टेक्निकल कमेटी (TCM) की एक ज़रूरी मीटिंग हुई। इस हाई-लेवल मीटिंग में पानी के मैनेजमेंट, राज्यों की सिंचाई ज़रूरतों और डैम की मौजूदा टेक्निकल स्थिति पर डिटेल में चर्चा हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मीटिंग में राज्यों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे मौजूदा धान के सीजन में नहर के पानी का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें। अगर राज्य नहरों के ज़रिए ज़्यादा पानी लेते हैं, तो भाखड़ा से ज़्यादा पानी आसानी से और सुरक्षित तरीके से छोड़ा जा सकता है।
ताज़ा डेटा के मुताबिक, गोबिंद सागर झील का पानी का लेवल अभी 1578.07 फीट रिकॉर्ड किया गया है, जो इसकी ज़्यादा से ज़्यादा कैपेसिटी (लेवल) से सिर्फ़ 102 फीट कम है। अधिकारियों का कहना है कि जून से सितंबर के बीच पहाड़ों और बारिश से भारी पानी झील में पहुँचता है। इसलिए, अभी ज़्यादा पानी छोड़ना भविष्य में बाढ़ जैसी किसी इमरजेंसी से बचने के लिए एक सुरक्षित कदम साबित होगा।
मीटिंग के दौरान, एक्सपर्ट्स ने डैम और उसकी दीवार की सुरक्षा को लेकर कुछ चिंताजनक टेक्निकल बातें भी शेयर कीं। सूत्रों के मुताबिक, भाखड़ा डैम की दीवार का परमिसिबल डिफ्लेक्शन (झुकाव/लचीलापन) 1.03 इंच तय है, जबकि मौजूदा माप में यह 1.1770 इंच तक रिकॉर्ड किया गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय से पानी का लेवल ज़्यादा रहने की वजह से डैम की दीवार पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा, एक और बड़ी समस्या डैम के नीचे जमा हो रही सिल्ट (मिट्टी और गाद) है। अनुमान के मुताबिक, भाखड़ा डैम ने गाद जमा होने की वजह से अपनी कुल पानी जमा करने की क्षमता का लगभग 26 प्रतिशत हमेशा के लिए खो दिया है। इस वजह से आने वाले समय में यह वॉटर मैनेजमेंट बोर्ड के लिए और भी बड़ी चुनौती बनने वाला है।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार स्थिति पर नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि BBMB को पानी (डिस्चार्ज) को बहुत सावधानी और योजनाबद्ध तरीके से रेगुलेट करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पानी छोड़ते समय निचले इलाकों में बाढ़ जैसी कोई अनहोनी स्थिति पैदा न हो और साथ ही पार्टनर राज्यों की ज़रूरतें भी आसानी से पूरी हो सकें।
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