मार्च में गर्मी ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड:14 शहरों में 40 डिग्री के पार क्यों पहुंचा पारा
नई दिल्लीः 2026 की फरवरी पिछले 125 सालों में सबसे गर्म और सूखी रही। अब मार्च में भी मौसम के वही तेवर बरकरार हैं। मार्च की गर्मी ने दिल्ली में 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के 14 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है।मौसम विभाग के मुताबिक मार्च के शुरुआती 10 दिनों में ही गर्मी ने अप्रैल-मई जैसे तेवर दिखाने शुरू कर दिए है।
14 मार्च 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के आने की संभावना है। इससे तापमान गिरेगा।
- उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 2 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले 5 दिनों में 2 से 4°C की क्रमिक गिरावट आएगी।
- उत्तर प्रदेश में अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले 2 दिनों में 2 से 3°C की क्रमिक गिरावट हो सकती है।
- जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अगले 2 दिनों तक दिन का तापमान सामान्य से 5 से 7°C अधिक रहने की संभावना है।
- उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में अगले 3 दिनों तक दिन का तापमान सामान्य से 4-6°C ज्यादा रह सकता है।
- मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में अगले 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले 4 दिनों में 3-4°C की क्रमिक गिरावट आने की संभावना है।
- गुजरात, कोंकण और गोवा में अगले 2-3 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले 5 दिनों में 2-3°C की क्रमिक गिरावट हो सकती है।
- देश के बाकी हिस्सों में अगले 7 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
भारतीय मौसम विभाग यानी IMD के मुताबिक मार्च से मई 2026 के बीच भारत के ज्यादातर हिस्सों में मैक्सिमम टेम्परेचर सामान्य से ज्यादा रहेगा। इस दौरान हीट वेव भी ज्यादा चलेगी।
- मार्च से मई के बीच देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा।
- मार्च से मई के बीच हीटवेव भी सामान्य से ज्यादा दिन चलेगी।
- ज्यादातर इलाकों में रात के समय भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर: पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दक्षिण और पूर्वी महाराष्ट्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हीटवेव सामान्य से ज्यादा दिन चलेगी।
IMD के मुताबिक, 'गर्मी के दौरान, लू चलने की संभावना बढ़ने से पब्लिक हेल्थ, जल संसाधन, बिजली की मांग और आवश्यक सेवाओं के लिए जोखिम पैदा हो सकते हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे, बाहर काम करने वाले और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित होंगे।
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