राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बाद पेपर लीक रोकने वाला संशोधित कानून लागू
बाबूशाही नेटवर्क
नई दिल्ली, 2 अगस्त, 2026: संसद के दोनों सदनों से पास हुए 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंज़ूरी मिलने के बाद देश में पेपर लीक रोकने वाला संशोधित कानून लागू हो गया है।
यह संशोधित कानून राज्यों को पेपर लीक मामलों के आरोपियों पर तेज़ी से मुक़दमा चलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार देता है, साथ ही इसमें जुर्माना और जेल की सज़ा भी बढ़ाई गई है।
31 जुलाई को जारी एक राजपत्र अधिसूचना (गज़ट नोटिफिकेशन) में, कानून मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को मंज़ूरी दे दी है, जिसे इस हफ़्ते की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों ने पास किया था।
इस कानून का मकसद 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' को और मज़बूत करना है। इसके तहत तेज़ी से जांच, विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिए तेज़ी से मुक़दमे की सुनवाई, विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति, अपीलों का तय समय में निपटारा और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित तरीकों व संगठित गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख़्त सज़ा के प्रावधान किए गए हैं।
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