हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगी रफ्तार, 122 करोड़ से 80 जगह बन रहे चार्जिंग स्टेशन
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला : 25 अगस्त 2026 : हिमाचल प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को गति देने के लिए एचआरटीसी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है। प्रदेश में 122 करोड़ रुपये की लागत से 80 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
इनमें से 34 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन तैयार हो चुके हैं, जबकि 21 अन्य स्थानों पर अगले एक माह में काम पूरा करने का लक्ष्य है। शेष 25 स्थानों पर भी स्थापना प्रक्रिया जारी है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एचआरटीसी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये चार्जिंग स्टेशन एचआरटीसी के बस अड्डों और वर्कशॉप में बनाए जा रहे हैं, ताकि विभिन्न रूटों पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके।
कुल 80 स्थानों पर 99 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 180 किलोवाट क्षमता वाले फास्ट CCS-2 चार्जर लगाए जाएंगे। चार्जिंग नेटवर्क को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि जरूरत के अनुसार प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
प्रदेश me 297 इलेक्ट्रिक बसें चल रहीं
एचआरटीसी के बेड़े में वर्तमान में 297 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जो छोटे और लंबे दोनों रूटों पर संचालित हो रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से निगम को डीजल खर्च में लगभग 15 से 16 रुपये प्रति किलोमीटर की बचत हो रही है।
सामान्य तौर पर एक इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्ज होने के बाद करीब 180 किलोमीटर तक चल सकती है। हालांकि, हरौली-चंडीगढ़ के करीब 270 किलोमीटर लंबे रूट पर भी इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्जिंग में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
वहीं शिमला-चंडीगढ़-शिमला के करीब 250 किलोमीटर रूट पर बस यात्रा पूरी करने के बाद भी करीब 25 प्रतिशत बैटरी बचा रही है। सरकार का कहना है कि चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अधिक सुचारू होगा और हिमाचल में किफायती, आधुनिक तथा पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। (SBP)
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