हिमाचल में नशे से एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ा, 2025-26 में 19 फीसदी मामले इंजेक्शन साझा करने से
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला: 13 अगस्त 2026: अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल
प्रदेश में नशे के बढ़ते चलन के साथ एचआईवी संक्रमण का खतरा भी गंभीर चिंता बनता जा रहा है। वर्ष 2025-26 में एचआईवी के 19 फीसदी मामले सूई साझा करने के कारण दर्ज हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर शिमला के होटल पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने युवाओं से नशे और एचआईवी के खिलाफ सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि एचआईवी के खिलाफ हिमाचल देश में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। देश के सुरक्षित 15 जिलों में प्रदेश के किन्नौर, लाहुल-स्पीति और सोलन शामिल हैं, जबकि तीन अन्य जिला सक्षम श्रेणी में पहुंच चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र एड्स कार्यक्रम के 95-95-95 लक्ष्य को हासिल करने में हिमाचल देश में शीर्ष पर है।
प्रदेश में नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार उपलब्ध करवाने के लिए 17 ओपिओइड प्रतिस्थापन उपचार केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 1023 मरीजों का उपचार चल रहा है। इसके अलावा 294 इंजेक्शन ड्रग उपयोगकर्ताओं को अस्पतालों के मनोरोग विभाग से जोडक़र उपचार दिया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि 1000 आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पांच जिलों के 2440 गांवों में 2.86 लाख परिवारों को एचआईवी के प्रति जागरूक किया गया है।
दो अक्तूबर, 2025 को प्रदेश की पंचायतों में एचआईवी मुक्त हिमाचल की शपथ दिलाई गई थी और अब तक करीब 25 लाख लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा चुका है। जेलों में 11 हजार कैदियों को जागरूक किया गया, जबकि नौ हजार की एचआईवी जांच की जा चुकी है।(SBP)
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →