CCT, CGC लांडरां के बायोटेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स ने टीडब्लूईएसएस 2026 में सम्मान हासिल किया
चंडीगढ़
चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (सीसीटी), सीजीसी लांडरां के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के छात्रों ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आयोजित टेक वूमेन एंटरप्रेन्योर्स एंड स्टार्टअप समिट (टीडब्लूईएसएस) 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह समिट रीजनल एक्सेलेरेटर फॉर होलिस्टिक इनोवेशंस फाउंडेशन (पीआई - आरएएचआई रोपड़) और सोशियो रिस्पॉन्सिबल ऑर्गनाइज्ड थ्रस्ट फाउंडेशन (एसआरओटी) की एक पहल थी, जिसका उद्देश्य छात्रों और उभरते स्टार्टअप्स में इन्नोवेशन और एंटरप्रेन्योरिअल सोच को बढ़ावा देना था। इस समिट में विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपने आईडिया तथा वेंचर्स का प्रदर्शन किया। स्टार्टअप केटेगरी में सीसीटी, सीजीसी लांडरां के एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, फोर्थ सेमेस्टर के स्टूडेंट्स की ‘मैरीटैग बायोसोल्युशन्स' टीम के कोमल चंदेल, अपूर्वा मेहरा, इंदरजीत सिंह और कुंदन तिवारी ने दूसरा पुरस्कार प्राप्त किया। टीम को इस इनोवेटिव स्टार्टअप कांसेप्ट के लिए 15,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। मैरीटैग बायोसोल्युशन्स' टीम का यह स्टार्टअप, मंदिरों में इस्तेमाल के बाद फेंके जाने वाले फूलों को इको फ्रेंडली प्रोडक्ट्स में बदलने पर बेस्ड है, जो साफ और स्वच्छ एनवायरनमेंट और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देगा। आइडिएशन केटेगरी में बीएससी बायोटेक्नोलॉजी की स्टूडेंट्स अंकिता कम्बोज और गुंजन भारद्वाज ने भी स्मार्ट सिंचाई समाधान के अपने क्रिएटिव आईडिया के लिए दूसरा पुरस्कार हासिल किया। छात्रों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए डॉ. पाल्की साहिब कौर, डायरेक्टर प्रिंसिपल, सीसीटी - सीजीसी लांडरां ने कहा, “हमारे छात्र इन्नोवेशन और एंटरप्रेंयूर्शिप में लगातार असाधारण क्षमता प्रदर्शित कर रहे हैं। टीडब्ल्यूईएसएस 2026 में उनकी सफलता उनके डेडिकेशन, क्रिएटिविटी और उस स्ट्रांग अकादमिक एनवायरनमेंट का प्रतिबिंब है, जिसे हम उन्हें प्रदान करने का प्रयास करते हैं।उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के छात्रों में रिसर्च, क्रिएटिविटी और साइंटिफिक ज्ञान के प्रैक्टिकल प्रयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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