Himachal CPS Case : पूर्व सीपीएस की विधायकी को खतरा नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई अंतरिम रोक, अब 15 मार्च के बाद सुनवाई
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 22 जनवरी 2026 :
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के छह विधायक मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को उनकी अयोग्यता पर अंतरिम रोक बढ़ाए जाने के बाद विधानसभा के सदस्य बने रहेंगे। अब शीर्ष अदालत इस मामले की नियमित सुनवाई 15 मार्च के बाद कर सकती है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट की एक डिवीजन बेंच के समक्ष ऑनलाइन माध्यम से सूचीबद्ध था।
महाधिवक्ता अनूप रत्न ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य संसदीय सचिव बनाए गए छह कांग्रेस विधायकों की अयोग्यता पर लगी अंतरिम रोक को बढ़ा दिया है। अब यह मामला 15 मार्च के बाद अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। यह अंतरिम रोक हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) से संबंधित है, जिसमें उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें छह सीपीएस की नियुक्तियों को शून्य और अमान्य घोषित किया गया था।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने माना था कि सीपीएस का पद संविधान के तहत लाभ का पद है, जिससे विधायकों की अयोग्यता बनती है। हालांकि छह विधायकों ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अपने सीपीएस पदों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम राहत के चलते फिलहाल उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। (SBP)
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