भिवानी: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का विवादित बयान – "वीरांगना का भाव नहीं था, इसलिए आतंकी हमले में मारे गए लोग"
बाबूशाही ब्यूरो
भिवानी, 24 मई 2025:
हरियाणा बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर बेहद विवादित बयान दिया है। भिवानी के पंचायत भवन में आयोजित अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान जिला संगोष्ठी कार्यक्रम में संबोधन के दौरान जांगड़ा ने कहा कि हमले में मारे गए लोगों में "वीरांगना का भाव" और "जज्बा" नहीं था, इसलिए आतंकी इतने लोगों को मार सके।
जांगड़ा ने कहा,
"अगर वहां की महिलाएं वीरांगना का जज्बा लेकर खड़ी होतीं, अहिल्याबाई होल्कर या झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के इतिहास को पढ़ा होता, तो आतंकवादी इतने लोगों को नहीं मार सकते थे। अगर हमारे यात्री ट्रेनिंग पास किए हुए होते, तो 3 आतंकी 26 लोगों को नहीं मार सकते थे। उनके हाथ में लाठी, डंडा, कुछ भी होता, तो चारों तरफ से घेर कर हमला कर देते। हो सकता था कि 5-6 लोग शहीद होते, लेकिन तीनों आतंकी भी मारे जाते। हाथ जोड़ने से कोई छोड़ता नहीं है।"
जांगड़ा ने कहा,
"हाथ जोड़ने से कोई आतंकी माफ नहीं करता। उनका तो प्रतिकार करना होता है। हमें 2014 के बाद से इतिहास पढ़ाना शुरू किया गया है ताकि भारत की हर नारी के अंदर वीरांगना का जज्बा आए, अहिल्याबाई होल्कर और झांसी की रानी का जज्बा आए।"
क्या है पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले के बाद भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" चलाते हुए पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डों पर एयर स्ट्राइक की थी।
रामचंद्र जांगड़ा कौन हैं?
रामचंद्र जांगड़ा हरियाणा से बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं। वे रोहतक के खरकड़ा गांव के निवासी हैं और हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के चेयरमैन रह चुके हैं। 2014 में वे गोहाना विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। उनका राज्यसभा कार्यकाल 2026 तक है।
विवाद बढ़ने की आशंका
जांगड़ा के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो सकता है। आतंकी हमले में मारे गए लोगों को लेकर इस तरह की टिप्पणियां संवेदनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं। विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आना तय माना जा रहा है।
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