राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए लॉन्च किया भारत का पहला AI-इनेबल्ड वेब पोर्टल
सांसद सतनाम सिंह संधू ने जनता की राय, सुझाव और शिकायतों को इकट्ठा करने और उनके प्रभावी समाधान करने के लिए लॉन्च किया वेब पोर्टल, केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए जनता से मांगे सुझाव
संसद में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसद के रूप में उभरे सतनाम सिंह संधू, राज्यसभा कार्यकाल के पहले 2 सालों में बनाया प्रभावशाली रिकॉर्ड
सांसद सतनाम सिंह संधू ने अल्पसंख्यकों, प्रवासियों, किसानों, शिक्षा, टेक्नोलॉजी, स्किलिंग के साथ चंडीगढ़ और पंजाब में इंफ्रा डेवलपमेंट के मुद्दों पर लगातार उठाई आवाज़
संसद में 'जनता की आवाज़' बने सतनाम सिंह संधू, 2 सालों में राज्यसभा में 4 प्राइवेट मेंबर बिल , 41 केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े 150 सवाल और 35 चर्चाओं में हिस्सा लेकर प्रदर्शित की सक्रिय भागीदारी ।
जल प्रदूषण, ड्रग्स की समस्या, बाढ़, 'डंकी रूट' से लेकर एमएसपी और फर्टिलाइज़र जैसे किसानों के मुद्दों तक, सांसद सतनाम सिंह संधू ने 2 सालों में पंजाब से जुड़े 54 सवालों के ज़रिए उठाए पंजाब के गंभीर मुद्दे
सांसद सतनाम सिंह संधू ने संसद में उठाए सिख समुदाय के जुड़े मुद्दे, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रवासी सिख मुद्दों पर पूछे 11 सवाल
राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने नागरिक सहभागिता के उद्देश्य से एक AI-सक्षम वेब पोर्टल लॉन्च किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लोगों की राय, सुझाव और शिकायतें एकत्र कर उभरते सार्वजनिक मुद्दों की ‘स्मार्ट’ पहचान करेगा तथा समाज के हर वर्ग की समस्याओं के समाधान में सहायक होगा।
अपने वेब पोर्टल (https://satnamsandhu.in/) के लॉन्च पर बोलते हुए, सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा, "यह वेब पोर्टल जनता से सीधे जुड़ने के लिए एआई का इस्तेमाल करेगा। इस वेबसाइट का एआई फीचर नागरिकों की राय, सुझाव और शिकायतों को इकट्ठा करके शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी मुद्दे या समस्या के प्रभाव का विश्लेषण करेगा।यह सार्वजनिक मुद्दों को स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे विभिन्न वर्गों में जनसमस्याओं को वर्गीकृत करने के लिए एक स्मार्ट डिटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। यह पोर्टल संसद की कार्यवाही, जनप्रतिनिधियों की भूमिका, सरकारी नीतियों के प्रभाव और जन शिकायतों के निवारण के लिए उपलब्ध प्लेटफॉर्म के बारे में भी जागरूकता पैदा करेगा। यह पोर्टल 12 भारतीय भाषाओं में 24×7 सहायता प्रदान करेगा, जिससे कम पढ़े लिखे पढ़े लोग भी आसानी से अपनी राय, सुझाव और शिकायतें मुझ तक पहुंचा सकेंगे। इस पोर्टल का एआई फीचर ‘इमोशन डिटेक्शन’ के माध्यम से प्रभावित व्यक्ति की भावनाओं जैसे गुस्सा, जल्दबाजी,परेशानी या पीड़ा—के आधार पर किसी मुद्दे की गंभीरता की पहचान भी करेगा। ‘सांसद (MP) परफॉर्मेंस डैशबोर्ड’ के जरिए लोग संसद में मेरी गतिविधियों को देख पाएंगे और यह जान सकेंगे कि मैंने कौन-कौन से प्रश्न उठाए और सदन की चर्चा में किस प्रकार भागीदारी की।”
उन्होंने आगे कहा,“यह वेब पोर्टल शासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, समावेशी और भागीदारी बनाने की दिशा में एक कदम है, ताकि इसे लोगों तक पहुँचाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर आवाज़ सुनी जाए और और उस पर करवाई हो। मेरे वेब पोर्टल के ‘हमसे संपर्क करें’ (contact us) (https://satnamsandhu.in/index.php#contactus) पेज पर क्लिक करके, पंजाब या कहीं और के लोग अब सीधे अपने कीमती सुझाव, फीडबैक या मैसेज शेयर कर सकते हैं। इससे मुझे लोगों के मुख्य मुद्दों, मांगों और ज़रूरतों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जिन्हें मुझे प्राथमिकता के आधार पर उठाना है। इससे मुझे संसद में लोगों के मुद्दों को ज़्यादा असरदार तरीके से उठाने में मदद मिलेगी। शुरुआत में, लोग केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए अपने विचार और सुझाव शेयर कर सकते हैं।"
जनवरी 2024 में राष्ट्रपति द्वारा संसद के उच्च सदन( राज्यसभा) के लिए मनोनित किए जाने के बाद से सतनाम सिंह संधू के दो सालों का प्रदर्शन दर्शाता है कि पहली बार राज्यसभा सांसद बने सतनाम सिंह संधू संसद में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सांसदों में शामिल हैं, जो अल्पसंख्यकों, प्रवासी भारतीयों, किसानों, शिक्षा क्षेत्र, टेक्नोलॉजी, कौशल विकास तथा चंडीगढ़ और पंजाब में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए काम कर रहे हैं।
इस अवधि के दौरान संधू ने सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए चार 4 संसद सत्रों में 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की साथ ही जनहित से जुड़े 150 प्रश्न पूछे, राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर 35 बहसों में भाग लिया, 10 विशेष उल्लेख किए और चार निजी सदस्य विधेयक (बिल) प्रस्तुत किए, जो नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। इसके अलावा उन्होंने शून्यकाल के दौरान 19 तात्कालिक जनहित के मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाया।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने पंजाब के मुद्दों को गंभीरता से उठाते संसद में 54 सवाल सवाल पूछे। ये मुद्दे शिक्षा, जंगल बहाली, बाढ़ का आकलन, बायोएनर्जी प्रोजेक्ट, वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम, चंडीगढ़ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, जल जीवन मिशन, घग्गर, सतलुज और ब्यास नदियों से होने वाले स्वास्थ्य खतरों, बाजरा की खेती और उपयोग , आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की प्रगति, डिप्थीरिया के मामलों का फैलना, खेलो इंडिया योजना, नई और नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना, चंडीगढ़ मेट्रो प्रोजेक्ट, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का विकास और नवीनीकरण, पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं , नशीले पदार्थों की ज़ब्ती, पंजाब पर बढ़ते कर्ज और कपड़ा उद्योग से संबंधित थे।
उन्होंने संसद में पंजाब के किसानों के मुद्दे भी उठाए, जिसमें पंजाब में किसानों के लिए एमएसपी दरों, केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल, अलग-अलग किसानों के लिए सब्सिडी से जुड़ी योजनाओं और पंजाब में फर्टिलाइजर पर निर्भरता जैसे सवाल शामिल थे।
उन्होंने सिख समुदाय से जुड़े 11 सवाल भी पूछे, जिनमें श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सिख समुदाय पर अत्याचार, सिकलीगर सिख समुदाय द्वारा हथियारों और लोहे की कला का संरक्षण, तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब तक रेल कनेक्टिविटी, महाराजा रणजीत सिंह की विरासत और भारतीय श्रद्धालुओं को श्री ननकाना साहिब में प्रवेश न देना शामिल है।
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दे भी उठाए और पीएम आवास योजना के तहत अल्पसंख्यकों पर असर, अल्पसंख्यक समुदायों के लिए शिक्षा सुविधाएं और स्किल डेवलपमेंट और एन्त्रेप्रेंयूर्शिप प्रोग्रामों से संबंधित सवाल पूछे।
इस दौरान, सांसद सतनाम सिंह संधू ने संसद में 35 चर्चाओं में भी हिस्सा लिया, जिनमें से 14 पंजाब से संबंधित थीं। उन्होंने केंद्रीय मंत्रालयों से संबंधित 10 विशेष उल्लेखों के माध्यम से पंजाब और देश के अहम मुद्दे भी उठाए।
राज्यसभा में चर्चा और विशेष उल्लेखों के दौरान सांसद संधू द्वारा उठाए गए पंजाब से संबंधित मुद्दों में पंजाब के भूजल में यूरेनियम, नाइट्रेट और अन्य प्रदूषकों में खतरनाक वृद्धि, पंजाब में लंबित छात्रवृत्ति बकाया राशि जारी करना, 'डंकी रूट' के ज़रिए भारतीय युवाओं की तस्करी और विदेशी युद्धों में जबरन तैनाती, सभी कृषि उत्पादों के लिए अत्याधुनिक भंडारण सुविधाओं का निर्माण, लुधियाना में बुड्ढा नाले में गंभीर प्रदूषण स्तर, पंजाब में भगवान श्री राम से संबंधित तीर्थ स्थलों का पुनरुद्धार, पंजाब की माझा, मालवी, दोआबी और पुआधी बोलियों का संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के लिए समग्र इकोसिस्टम को संरक्षित करने के लिए पंजाब में आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) का संरक्षण शामिल है।
सांसद संधू ने राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा में भी हिस्सा लिया, जिनमें 'ऑपरेशन सिंदूर', शहीद भगत सिंह, शहीद उधम सिंह और शहीद मदनलाल ढींगरा को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग, एनआरआई सम्पति पर कब्ज़े के बढ़ते मामले, केंद्रीय बजट 2025-26 और जम्मू-कश्मीर विनियोग विधेयक शामिल हैं।
सतनाम सिंह संधू ने चार प्राइवेट मेंबर बिल भी पेश किए, जबकि सांसदों द्वारा ऐसे पेश किए गए ऐसे विधेयकों(बिलों) का राष्ट्रीय औसत मात्र 0.4% है। इन में 'नदियों को कानूनी व्यक्ति का दर्जा देने वाला विधेयक 2024', किसानों को अनिवार्य बीमा और मुआवज़े के लिए 'किसान जीवन सुरक्षा एवं दुर्घटना प्रतिपूर्ति विधेयक 2025', उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग और मान्यता के लिए एक अथॉरिटी स्थापित करने के लिए 'उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्रीय रैंकिंग और मान्यता प्राधिकरण विधेयक 2025' और प्रवासी भारतीयों के कौशल, प्रतिभा और संसाधनों को जुटाने के लिए एक अथॉरिटी स्थापित करने के लिए 'प्रवासी भारतीय कौशल एवं प्रतिभा प्रेरक विधेयक 2025' शामिल हैं।
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