HP Panchayat Election: अप्रैल के तीसरे हफ्ते में जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना, जानें क्या है तैयारी
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 10 अप्रैल 2026 :
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव में बुजुर्ग मतदाताओं को घर बैठे वोट डालने की सुविधा देने को लेकर असमंजस की स्थिति में है।
आयोग इस व्यवस्था को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। राज्य में पंचायतों के 22 हजार वार्डों में इस सुविधा को लागू करना प्रस्तावित है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्र तक आने में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। हालांकि, इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ, प्रशिक्षण और समय की आवश्यकता होगी। आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले संपन्न करवाए जाने हैं।
ऐसे में सीमित समय के भीतर नई व्यवस्था लागू करना आसान नहीं माना जा रहा है। यही कारण है कि आयोग इस विषय पर विभिन्न स्तरों पर मंथन कर रहा है और सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह सुविधा लागू होती है तो बुजुर्ग और असहाय मतदाताओं के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए भी आयोग को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में रहती है यह व्यवस्था
80 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों से घर बैठे मत डलवाने की यह व्यवस्था विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में रहती है। इसी प्रावधान को राज्यों के चुनाव आयोग भी लागू करते हैं। कई राज्य इस व्यवस्था को लागू कर चुके हैं। राज्य चुनाव आयोग भी इसे लागू करना चाह रहा है मगर यह संभव नहीं हो पाया है।
अप्रैल के तीसरे हफ्ते में जारी हो सकती है चुनाव की अधिसूचना
पंचायत चुनाव की अधिसूचना अप्रैल के तीसरे हफ्ते में जारी हो सकती है। 20 अप्रैल तक पहले चरण के चुनाव के लिए मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मतदान की प्रक्रिया 15 मई के बाद हो सकती है। चुनाव तीन चरणों में करवाए जाने संभावित हैं।
पंचायत और नगर निकाय चुनाव अलग-अलग चरणों में कराने की तैयारी
प्रदेश राज्य चुनाव आयोग प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों के लिए अलग-अलग शेड्यूल जारी कर सकता है। सूत्रों के अनुसार दोनों चुनाव एक ही दिन कराने के बजाय अलग चरणों में करवाने की योजना है, ताकि चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। आयोग जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा। चुनावी प्रक्रिया के तहत मतदान से करीब 28 से 30 दिन पहले आचार संहिता लागू करने का प्रावधान है। ऐसे में हिमाचल दिवस के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना जताई जा रही है।
पंचायतों और शहरी निकायों के लिए आरक्षण रोस्टर पहले ही जारी हो चुका है, जबकि मतदाता सूचियों को अपडेट करने का कार्य जारी है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 31 मई से पहले प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है।(SBP)
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