Himachal Invites Norwegian Companies To Invest : मुख्यमंत्री ने नार्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया
नॉर्वे के साथ उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास के क्षेत्र में कार्य करेगा हिमाचलः मुख्यमंत्री
Babushahi Bureau
शिमला : 09 जून 2026 :
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश और नॉर्वे प्राकृतिक संरक्षण के साथ सतत विकास के साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रहे हैं। दोनों के मध्य सहयोग से ऐसे नवाचारपूर्ण समाधान विकसित होंगे, जो न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि विश्व के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने आज यहां भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर के साथ इस संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनोमी) एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति, सतत पर्यटन, कचरा-मुक्त पर्यटन स्थलों के विकास, जलवायु-अनुकूल शहरी विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवर्तन, डिजिटल गवर्नंेस तथा स्मार्ट सिटी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश निर्माण एवं विध्वंस मलबे के प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण के क्षेत्र में नॉर्वे की विशेषज्ञता, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाएगा।
प्रदेश सरकार सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में नॉर्वे के साथ सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने नॉर्वे की कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए विशेष रूप से पर्यटन, हरित ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नॉर्वे के संस्थानों, विशेषज्ञों और तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे नवाचारपूर्ण एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करना चाहती है, जिन्हें अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश ने हरित आवरण को 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रसायनमुक्त प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और मजबूत कृषि तंत्र को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मक्की, गेहूं, दूध और कच्ची हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव देवेश कुमार, निदेशक शहरी विकास नीरज चड्ढा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। (SBP)
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