Breaking: बैंक फंड गबन मामले में वरिष्ठ IAS Officer को किया गिरफ्तार
रवि जखू / बाबूशाही नेटवर्क
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 22 जून 2026 को वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग के प्रधान सचिव थे। उनकी गिरफ्तारी हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सरकारी धन के कथित गबन के मामले में की गई है। इन विभागों के खाते IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में संचालित थे। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।
CBI की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI को सौंपा गया था। जांच में पता चला कि इन विभागों के बैंक खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर खोले गए थे और बाद में उनमें निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि स्थानांतरित की गई।
ये खाते उस समय खोले गए थे जब पंकज अग्रवाल संबंधित विभागों के प्रधान सचिव थे। जांच में सामने आया कि इन खातों में कथित रूप से धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन के माध्यम से सरकारी धन का गबन किया गया, जिससे सरकार को लगभग 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच के दौरान पंकज अग्रवाल के खिलाफ आपत्तिजनक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि CBI ने यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से राज्य सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में ली थी। इन दोनों विभागों में लगभग 60.54 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था, जो सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा से जुड़े एक बड़े घोटाले का हिस्सा बताया जाता है। इस कथित घोटाले में हरियाणा सरकार के 8 विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये शेल कंपनियों के माध्यम से गबन किए गए थे।
अब तक CBI इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिनमें IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
इस मामले में पंचकूला नगर निगम में धन के कथित गबन से जुड़े वरिष्ठ IAS अधिकारी आर.के. सिंह को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CBI ने यह भी याद दिलाया कि उसने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL)/नगर निगम चंडीगढ़ तथा दूसरा CREST चंडीगढ़ से संबंधित है। दोनों मामलों में CBI आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
CSCL मामले में CBI ने 5 बैंक अधिकारियों, एक CSCL अधिकारी और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जबकि CREST मामले में 5 बैंक अधिकारियों, 2 CREST अधिकारियों, 4 निजी व्यक्तियों और 2 कंपनियों को आरोपित किया गया है। CREST मामले में एक वरिष्ठ IFoS अधिकारी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
CBI ने कहा है कि वह इस मामले में दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने और गबन किए गए सार्वजनिक धन के पूरे प्रवाह का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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