Himachal Monsoon Alert : हिमाचल में बारिश का कहर: 106 सड़कें बंद, सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला : 10 अगस्त 2026 : हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते बारिश का दौर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। सोमवार शाम छह बजे तक राज्य में 106 सड़कें बंद रहीं, जबकि 66 बिजली ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार 11 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सुबह 1 बजे से रात 9 बजे के बीच बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मंगलवार को विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं 14, 15 और 16 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 12 और 13 अगस्त को अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
कई इलाकों में भूस्खलन से नुकसान
बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क यातायात के साथ बिजली और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। मौजूदा मानसून सीजन में 30 जून से 9 अगस्त तक प्रदेश में 157 लोगों की मौत और 257 लोग घायल हुए हैं। इनमें 89 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।
इस दौरान 22 पक्के और 22 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 255 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। 217 गोशालाएं और 13 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 201 पालतू पशुओं की मौत हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल नुकसान 88,637.55 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा 61.1 मिमी बारिश
प्रदेश में सोमवार को कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 61.1 मिलीमीटर, अर्की में 55.0, पांवटा साहिब में 43.8, शिमला में 40.8, जोगिंद्रनगर में 37.0, जुब्बड़हट्टी में 35.2, घाघस में 33.0 और सराहन में 29.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
ब्यास किनारे रहने वालों को मिलेगा सीधा अलर्ट
ब्यास नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने या पंडोह बांध से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित प्रभावित लोगों को सीधे अलर्ट करने की योजना तैयार की जा रही है। बीबीएमबी, आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर की मदद से पंडोह बांध से देहरा तक 135 किलोमीटर क्षेत्र के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार कर रहा है।
योजना के तहत नदी किनारे के क्षेत्रों को खतरे के स्तर के आधार पर ग्रीन, ब्लू और रेड जोन में बांटा जाएगा। संभावित प्रभावित लोगों के मोबाइल नंबरों का डाटा भी तैयार किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में उन्हें सीधे संदेश के माध्यम से अलर्ट किया जा सके। (SBP)
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