दूल्हे को पीठ पर उठाया और उफनती धारा में उतर गया सुरेश, हिमाचल प्रदेश के चंबा से वायरल वीडियो ने खोली पुल और व्यवस्था की पोल, देखें वीडियो
शशिभूषण पुरोहित
चंबा: 17 अगस्त 2026 : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले के बीच दूल्हे को पीठ पर लादकर सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाता नजर आ रहा है। यह दृश्य जहां सुरेश कुमार के साहस और इंसानियत की मिसाल पेश करता है, वहीं बडग्राम पंचायत के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या को भी उजागर कर रहा है।
बताया जा रहा है कि भरमौर के बडग्राम क्षेत्र में देर रात बादल फटने के बाद पलानी नाला अचानक उफान पर आ गया। देखते ही देखते शांत दिखने वाला नाला तेज बहाव वाली खतरनाक धारा में बदल गया। इस दौरान बारात और ग्रामीण नाले के दोनों ओर फंस गए। हालात इतने बिगड़ गए कि नाले को पार करना जान जोखिम में डालने के बराबर हो गया।
इसी मुश्किल घड़ी में मलकौता निवासी सुरेश कुमार ने साहस का परिचय दिया। उन्होंने दूल्हे को अपनी पीठ पर उठाया और तेज बहाव के बीच नाला पार करवाकर उसे सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। कुछ पल के लिए सांसें रोक देने वाला यह दृश्य किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था।
मौके पर मौजूद लोगों ने सुरेश के इस साहस की सराहना की। अगर उस समय पानी का बहाव और बढ़ जाता तो दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
रात के अंधेरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
इस घटना का वीडियो मंजु क्षत्रिय ने कैमरे में कैद किया। रात के अंधेरे, उफनते पानी और उसके बीच दूल्हे को पीठ पर उठाकर नाला पार करते सुरेश के दृश्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वीडियो देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय मौके पर हालात कितने भयावह रहे होंगे।
सवाल सिर्फ सुरेश की बहादुरी का नहीं, पुल कब बनेगा?
यह घटना केवल एक साहसिक बचाव की कहानी नहीं है। इसने बडग्राम पंचायत के लोगों की वर्षों पुरानी परेशानी भी सामने ला दी है। ग्रामीणों के अनुसार पलानी नाले पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में आवाजाही हमेशा जोखिम भरी रहती है। सामान्य दिनों में किसी तरह लोग नाला पार कर लेते हैं, लेकिन बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं के दौरान यही रास्ता जानलेवा बन जाता है।
ग्रामीण लंबे समय से यहां स्थायी पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि हर बार किसी सुरेश कुमार के साहस के भरोसे लोगों की जान नहीं बचाई जा सकती। प्रशासन को ऐसी आपदा का इंतजार करने के बजाय समय रहते पुल का निर्माण करवाना चाहिए, ताकि अगली बार किसी दूल्हे या ग्रामीण को उफनते नाले के बीच जिंदगी दांव पर लगाकर रास्ता पार न करना पड़े।
वायरल वीडियो ने एक बहादुर युवक की कहानी जरूर दिखाई है, लेकिन इसके पीछे छिपी व्यवस्था की एक बड़ी कमी पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।https://drive.google.com/file/d/1dvNIgFqCGY6HVh2yp_FlXWE-JBhDHQnD/view?usp=drivesdk
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