नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के 'हीरो' पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से बात की, बहादुरी की तारीफ की
बाबूशाही नेटवर्क
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर, 2026: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है, जिन्होंने फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में हुए गंभीर हादसे के दौरान यात्रियों की जान बचाई थी। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बात की और उनका हालचाल पूछा और उनकी हिम्मत को सलाम किया।
बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि वह कैप्टन मचर की बहादुरी से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन मचर पूरी दुनिया के लिए हीरो बन गए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री ने उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जश्न की मशाल जलाने के लिए भी बुलाया। उन्होंने कहा कि कैप्टन मचर और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत और इजरायल के लोगों के लिए रोल मॉडल हैं। नेतन्याहू ने कैप्टन मचर के जल्द ठीक होने की कामना की और उम्मीद जताई कि वह इजरायल जरूर आएंगे।
कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि फ्लाइट के दौरान सब कुछ नॉर्मल था। अचानक को-पायलट ने उन पर पीछे से हमला कर दिया। शुरू में उन्हें लगा कि प्लेन में कोई टेक्निकल प्रॉब्लम हो सकती है, लेकिन बाद में पता चला कि को-पायलट के हाथ में चाकू था। हमले की वजह से वह खून से लथपथ हो गया, जबकि प्लेन तेज़ी से नीचे जाने लगा।
कैप्टन ने बताया कि इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की। दरवाज़ा अंदर से ‘ट्विस्ट-टू-ओपन’ मैकेनिज्म से खोला जा सकता है, जबकि बाहर से इसे एक कोड के ज़रिए खोला जा सकता है। मौका मिलते ही उन्होंने नॉब पकड़ा और दरवाज़ा खोल दिया।
दरवाज़े पर मौजूद लोग कॉकपिट में घुस गए और को-पायलट को काबू में कर लिया। कैप्टन स्मित मच्छार के मुताबिक, उस समय प्लेन 17 हज़ार फ़ीट से ज़्यादा नीचे गिर चुका था। फ़्लाइट में कुल 174 पैसेंजर सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। बाद में दूसरे पायलट और क्रू मेंबर की मदद से प्लेन की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई। कैप्टन मचर ने कहा कि उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी की, जबकि इसके बाद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने भी स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
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