Himachal Fire Mishap : रातभर लपटों से जूझता रहा जुब्बल का धार गांव, पांच परिवारों के आशियाने राख
आधी रात को भड़की आग ने मचाई तबाही, जुब्बल के साथ रोहड़ू, कोटखाई और टिक्कर से पहुंचीं दमकल गाड़ियां; ग्रामीणों ने भी संभाला मोर्चा
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला/जुब्बल। 02 अक्टूबर 2026 : शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र के धार गांव में वीरवार देर रात अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि पांच रिहायशी मकान इसकी चपेट में आ गए और पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटों ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और आग को दूसरे मकानों तक पहुंचने से रोकने के लिए बचाव कार्य में जुट गए। गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई।
आग की सूचना जुब्बल अग्निशमन केंद्र को रात करीब 11:20 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए रोहड़ू, कोटखाई और टिक्कर से भी दमकल वाहन बुलाए गए। कई स्थानों से पहुंची दमकल टीमों ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।
आग को गांव के दूसरे हिस्से तक पहुंचने से रोकना बनी चुनौती
रात के अंधेरे में तेजी से फैल रही आग के बीच सबसे बड़ी चुनौती इसे आसपास के अन्य मकानों तक पहुंचने से रोकना था। ग्रामीणों ने भी जोखिम उठाते हुए दमकल कर्मियों का साथ दिया। दमकल की टीमें कई घंटे तक मौके पर डटी रहीं और आग की लपटों को नियंत्रित करने के साथ आसपास के मकानों को बचाने का प्रयास करती रहीं।
सुबह तक लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रशासन के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में निगरानी की गई।
पांच परिवारों के आशियाने तबाह
इस अग्निकांड में नानक चंद चौहान, हरनाम सिंह धाल्टा, नरेंद्र सिंह धाल्टा, गिंदा देवी और अनिल धान्टा के परिवार प्रभावित हुए हैं। पांचों रिहायशी मकानों के जलने से इन परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। मकानों के साथ उनमें रखा घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
प्रारंभिक तौर पर संपत्ति के भारी नुकसान की बात सामने आई है। नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किया जा रहा है।
आग कैसे लगी, जांच में जुटी पुलिस
अग्निकांड की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक आकलन के बाद नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
प्रभावित परिवारों को राहत का भरोसा
अग्निकांड के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को फौरी राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन को नुकसान का जल्द आकलन करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। आपदा राहत नियमावली के तहत सहायता का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात भी कही गई है।
गनीमत रही, नहीं हुई जनहानि
रात के समय हुए इस भीषण अग्निकांड के बावजूद किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग की सूचना मिलते ही ग्रामीणों के सक्रिय होने और दमकल टीमों के समय पर पहुंचने से आग को गांव के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोक लिया गया। अब प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को राहत देने और अग्निकांड में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने पर है। (SBP)
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →