भारत सरकार ने 3 Pakistani कैदियों को किया रिहा, पढ़ें 30 साल से जेल में बंद कैदी क्या बोला?
Babushahi Bureau
अटारी बॉर्डर/अमृतसर, 29 नवंबर, 2025 : भारत सरकार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सजा पूरी कर चुके तीन पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर दिया है। इनमें पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत का रहने वाला मोहम्मद इकबाल (Mohammad Iqbal) भी शामिल है, जो पिछले 30 सालों से भारतीय जेलों में बंद था। रिहाई के बाद अटारी बॉर्डर (Attari Border) पर वतन वापसी के समय इकबाल की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उसने इस दिन को ईद से भी बड़ा दिन बताया।
18 साल की उम्र में हेरोइन के साथ पकड़ा गया था
मोहम्मद इकबाल की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उसे महज 18 साल की उम्र में पंजाब के गुरदासपुर से 10 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत 30 साल की सजा सुनाई थी। इकबाल ने बताया कि लालच के चक्कर में उसने अपनी पूरी जवानी जेल की चारदीवारी में बर्बाद कर दी।
"पत्नी भी छोड़ गई, लालच ने बर्बाद किया"
मीडिया से बात करते हुए इकबाल ने अपना दर्द बयां किया। उसने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। गुरदासपुर जेल के बाद उसे राजस्थान (Rajasthan) की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां उसने अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा काटा। उसने गलत रास्ते पर चलने वाले युवाओं को संदेश दिया कि लालच में आकर कभी कोई गलत काम न करें, वरना पूरी जिंदगी पछताना पड़ता है।
कागजी कार्रवाई के बाद पाक रेंजर्स को सौंपा
प्रोटोकॉल अधिकारी (Protocol Officer) अरुण माहल ने बताया कि रिहा किए गए तीन कैदियों में से दो राजस्थान जेल से और एक दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा लाया गया था। इन सभी की सजा पूरी हो चुकी थी। कस्टम (Customs) और इमीग्रेशन (Immigration) की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, बीएसएफ (BSF) ने उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स (Pakistan Rangers) के हवाले कर दिया। इकबाल ने दोनों देशों की सरकारों से अपील की है कि सजा पूरी कर चुके अन्य कैदियों को भी मानवता के आधार पर रिहा किया जाना चाहिए।
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