सिख स्पिरिचुअल फिलॉसफी को इकोनॉमिक डेवलपमेंट से जोड़ने वाली किताब ‘सिख्स इन बैंकिंग’ के लेखक गुरमीत सिंह सम्मानित
लुधियानाः गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल, लुधियाना द्वारा पब्लिश की गई एक किताब, जो श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित है, “सिख्स इन बैंकिंग-द लिगेसी ऑफ ट्रस्ट, एक्सीलेंस, इकोनॉमिक इम्पैक्ट इन इंडिया एंड बियॉन्ड”, सर्कल के फाउंडर मेंबर गुरमीत सिंह ने अपने अल्मा मेटर एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना लाइब्रेरी को किताब भेंट की।
प्रिंसिपल गुरशरणजीत सिंह संधू ने एल्युमनाई एसोसिएशन के एग्जीक्यूटिव मेंबर्स और कुछ टीचर्स की मौजूदगी में लेखक को खास तौर पर सम्मानित किया। मौजूद लोगों में ओ.पी. वर्मा, के.बी. सिंह, नवदीप सिंह, बृज बी गोयल, प्रो. गीतांजलि पबरेजा, डॉ. सजला, प्रो. डॉ. पूनम सपरा, डॉ. इरा, डॉ. विकास लूंबा और प्रो. निधि शामिल थे। किताब में कई चैप्टर इसके एल्युमनाई द्वारा लिखे गए हैं जो बैंकर और इकोनॉमिस्ट भी हैं। गोयल ने कहा कि यह किताब सिख इतिहास और गुरबानी से गहराई से जुड़ी हुई है। के.बी. सिंह ने किताब की तारीफ़ करते हुए कहा कि यह एक सभ्यता की कहानी भी है जो सिख आध्यात्मिक दर्शन को आर्थिक विकास, संस्थागत ईमानदारी, लीडरशिप और सामाजिक ज़िम्मेदारी से जोड़ती है। ओपी वर्मा ने किताब में "सेवा की भावना" वाले हिस्से की तारीफ़ की, जो नौकरी के दौरान और रिटायरमेंट के बाद सिख बैंकरों के सामाजिक, शैक्षिक, मानवीय और धार्मिक योगदान पर रोशनी डालता है। गुरमीत सिंह ने पहले हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर एक किताब लिखी थी।
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