ईंधन संकट की चिंताओं के बीच पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ईंधन बचाने के उपाय अपनाए
रवि जखू
चंडीगढ़, 22 मई, 2026: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कई खर्च-कटौती और ईंधन बचाने के उपाय शुरू किए गए हैं। इनमें वर्चुअल सुनवाई, कर्मचारियों के लिए 'वर्क-फ्रॉम-होम' (घर से काम) की व्यवस्था, और जजों व कर्मचारियों के बीच कारपूलिंग को बढ़ावा देना शामिल है।
21 मई, 2026 के सर्कुलर के अनुसार, ये निर्देश भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग और भारत के सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद जारी किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर ये उपाय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
हाई कोर्ट के जजों को ईंधन का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए कारपooling की व्यवस्था अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
अब कोर्ट की ज़्यादातर सुनवाई स्वीकृत सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए की जाएगी, ताकि यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके। रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वह वकीलों और कोर्ट के लिए वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग लिंक समय पर साझा करना और बिना किसी रुकावट के तकनीकी सहायता सुनिश्चित करे।
हर ब्रांच या सेक्शन में 33% तक कर्मचारियों को, जहाँ भी संभव हो, घर से काम करने की अनुमति दी जा सकती है। संबंधित रजिस्ट्रार कोर्ट के काम में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करते हुए साप्ताहिक रोस्टर तैयार करेंगे।
दफ़्तर से काम करने वाले कर्मचारियों को भी सार्वजनिक परिवहन, कारपooling, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
सर्कुलर में आगे कहा गया है कि जिन कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी गई है, उन्हें फ़ोन पर उपलब्ध रहना होगा और जब भी ज़रूरत हो, दफ़्तर आने के लिए तैयार रहना होगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित रजिस्ट्रार 'वर्क-फ्रॉम-होम' की व्यवस्था को सीमित या संशोधित कर सकते हैं, यदि उन्हें लगता है कि ऐसी व्यवस्था किसी भी ब्रांच या सेक्शन के ज़रूरी कामकाज पर असर डाल रही है।
ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं, जब ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
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