HP Cabinet Decisions: 2215 पदों को भरने की मंजूरी, पर्यटन सीजन में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें, जानें Cabinet के बड़े फैसले
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 23 मई 2026 : हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में 1,500 शिक्षकों की भर्ती समेत विभिन्न विभागों में 2,215 से अधिक पद भरे जाएंगे। इंदिरा गांधी प्यारी बहना महिला सम्मान निधि के तहत प्रतिमाह 1,500 रुपये अब दो लाख से कम आय वाली महिलाओं को ही मिलेंगे। पर्यटन सीजन के दौरान प्रदेश में दुकानें 24 घंटे खुली रहेंगी।
शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन अहम फैसलों पर मुहर लगी है। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर कैबिनेट का फोकस रहा।
दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति देने का फैसला
प्रदेश में पंचायत चुनाव के चलते लागू आचार संहिता के चलते सरकार ने इस बार कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति देने का फैसला लिया है। इससे पर्यटन स्थलों, शहरी क्षेत्रों और सेवा क्षेत्र को लाभ होगा। होटल, रेस्तरां, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कारोबारियों को राहत मिलेगी।
इन महिलाओं को मिलेंगे 1500-1500 रुपये
उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम फैसले में कॉलेज प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 63 वर्ष करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ संस्थानों को अधिक समय तक मिलेगा।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करते हुए ऐसे परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है। यह कांग्रेस की प्रमुख चुनावी गारंटियों में शामिल रहा है। सरकार का दावा है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सीधी वित्तीय सहायता मिलेगी।
इन विभागों में भरे जाएंगे पद, सीबीएसई स्कूलों में भी होगी भर्ती
मंत्रिमंडल की ओर से 12 पद पुलिस विभाग में क्लर्क के भरने की भी मंजूरी दी गई। 105 पद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के भरने की मंजूदी दी गई। एपीआरओ के चार पद भरे जाएंगे। वहीं स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 स्कूलों में सीबीएसई स्कूलों जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। उधर, राज्य के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में 1500 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। जेओए आईटी के 500 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई। इसी तरह 94 पोस्ट आईटीआई में क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के भरे जाएंगे
इनका बढ़ेगा मानदेय
मिड-डे मिल वर्कर, एसएमसी, मल्टी टास्क वर्कर के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया। पंचायत चौकीदार के 500 और सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्करों का मानदेय 5,500 से बढ़ाकर 6,000 करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने बद्दी में हिम चंडीगढ़ परियोजना के लिए 8 हजार बीघा भूमि उपलब्ध करवाने को भी मंजूरी दी है।
शिक्षा बोर्ड के 300 स्कूलों में सीबीएसई जैसी सुविधाएं
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 स्कूलों में सीबीएसई स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। इनमें आधुनिक शिक्षा प्रणाली, स्मार्ट क्लास, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्ता आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की योजना है।
फिशिंग रॉयल्टी में बड़ी राहत, परागपुर को मिला एसडीएम कार्यालय
मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत देते हुए सरकार ने फिशिंग के लिए रॉयल्टी को 7 से घटाकर 1 प्रतिशत करने को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा बजट सत्र में की थी। कैबिनेट ने परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की है। इससे क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
कैबिनेट फैसले रद्द करने की भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत : हर्ष महाजन
भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने चुनाव आयोग से तत्काल प्रभाव से कैबिनेट बैठक के निर्णयों की समीक्षा करने और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे फैसलों के क्रियान्वयन और प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में भाजपा ने आयोग से शिकायत कर दी है। उन्हाेंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा के लिए हर संवैधानिक कदम उठाएगी।
शुक्रवार को जारी बयान में हर्ष महाजन ने कहा कि हिमाचल सरकार ने आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल की बैठक कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाई हैं। पूरे प्रदेश में पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद चुनाव के चलते कोड ऑफ कंडक्ट लागू है। ऐसे समय में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाना अपने आप में कई संदेह खड़े करता है।
कहा कि मंत्रिमंडल में ऐसे कई फैसले लिए गए हैं, जो सीधे तौर पर चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। सरकार ने महिलाओं को लुभाने वाली घोषणाएं की हैं, नए पदों का सृजन किया है, यहां तक कि नए एसडीएम कार्यालय और ईएनसी कार्यालयों को भी मंजूरी दे दी गई है। यह सब चुनावी प्रक्रिया के बीच किया जाना कांग्रेस सरकार की मंशा को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हमेशा नैतिकता और संविधान की बातें करते हैं, लेकिन जब खुद पर नियम लागू करने की बात आती है तो उनका दोहरा चरित्र सामने आ जाता है। सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावों को प्रभावित करने की यह कोशिश बेहद निंदनीय है और लोकतंत्र के लिए खतरा है। (SBP)
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