Himachal Pradesh: Tracking: दिव्यांगजनों के लिए वाईएचएआई चंडीगढ़ की सर पास ट्रेकिंग टीम कुल्लू पहुंची
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू: 03 जून 2026 : समावेशी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और दिव्यांगजनों को रोमांचक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (वाईएचएआई) की चंडीगढ़ राज्य शाखा ने सर पास के लिए विशेष हिमालयी ट्रेकिंग अभियान का आयोजन किया है।
अभियान में शामिल प्रतिभागी कुल्लू के सिओबाग (लेफ्ट बैंक) स्थित वाईएचएआई बेस कैंप पहुंचे, जहां उन्हें ट्रेक से पहले अनुकूलन (एक्लिमेटाइजेशन) और ओरिएंटेशन प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद वाईएचएआई चंडीगढ़ राज्य शाखा के संस्थापक अध्यक्ष एवं संयोजक राजेश जोगपाल ने ट्रेकिंग दल को रवाना किया।
इस अभियान में 18 दिव्यांग प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनके साथ स्वयंसेवकों, अनुभवी ट्रेक लीडरों और वाईएचएआई पदाधिकारियों सहित कुल 43 सदस्यीय दल शामिल है। यह दल चार रातें ऊंचाई वाले विभिन्न कैंपों में बिताने के बाद 7 जून को पुनः सिओबाग बेस कैंप लौटेगा।
सर पास हिमालय के सबसे लोकप्रिय और खूबसूरत ट्रेकिंग स्थलों में से एक माना जाता है। स्थानीय भाषा में 'सर' का अर्थ झील या जमी हुई जलराशि होता है। इस दर्रे का नाम शिखर के निकट स्थित एक छोटी मौसमी झील के नाम पर पड़ा है, जो वर्ष के अधिकांश समय बर्फ से ढकी रहती है।
कसोल से शुरू होकर पार्वती घाटी के बरशैणी में समाप्त होने वाला यह ट्रेक घने देवदार के जंगलों, पारंपरिक हिमाचली गांवों, हरे-भरे बुग्यालों, विशाल बर्फीले मैदानों और प्रसिद्ध स्नो-स्लाइड मार्ग से होकर गुजरता है। यही विशेषताएं इसे साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती हैं।
इस अवसर पर राजेश जोगपाल ने कहा कि साहसिक गतिविधियों और ट्रेकिंग के अवसर सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए, चाहे उनकी शारीरिक स्थिति कैसी भी हो। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, दृढ़ता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं तथा उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। (SBP)
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