Himachal News : प्यारी बहना योजना से बाहर हुईं 18 से 20 वर्ष की युवतियां; नहीं मिलेंगे 1500 रुपये, सरकार ने बदले नियम
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला: 16 जून 2026 :
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी बहुचर्चित इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में बड़ा बदलाव करते हुए इसके दायरे को सीमित कर दिया है। संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि के लिए पात्र नहीं होंगी। योजना का लाभ अब केवल 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को मिलेगा।
अप्रैल में ही सरकार ने योजना में परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने की अनिवार्य शर्त भी जोड़ दी है। इससे दो लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उधर, साल 2024 में सरकार ने योजना में एक और बदलाव करते हुए एक परिवार से एक ही महिला को 1500 रुपये की सम्मान राशि देने का फैसला लिया था।
प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी दी थी। शुरुआत में आयु के लिए योजना का दायरा 18 से 59 वर्ष रखा गया था। अब सरकार ने 18, 19 और 20 वर्ष की आयु की युवतियों को योजना से बाहर कर दिया है। अब सरकार ने लाभार्थियों का दायरा सीमित करते हुए पात्रता की नई शर्तें लागू कर दी हैं। बढ़ते वित्तीय बोझ और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
उधर, योजना के तहत अब महिलाओं को आवेदन पत्र के साथ परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। इसके अलावा बीपीएल परिवारों की महिलाओं को भी प्राथमिकता के साथ शामिल किया जाएगा। नए आवेदन पत्र में आय और बीपीएल स्थिति से संबंधित अलग कॉलम जोड़े जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसार सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी होते ही नए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पात्र महिलाओं का सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
योजना के लिए यह होंगी पात्रताएं
हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी महिला होना अनिवार्य। आयु 21 से 59 वर्ष के बीच हो। परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो। बौद्ध मठों में स्थायी रूप से रहने वाली बौद्ध भिक्षुणियां भी पात्र।
परिवार का कोई सदस्य नियमित सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होना चाहिए। अनुबंध, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक कर्मचारी, सेवारत व भूतपूर्व सैनिक, सैनिक विधवाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, मल्टी टास्क वर्कर तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों तथा सरकारी बोर्ड, निगम, परिषद और एजेंसियों में कार्यरत या पेंशनभोगी व्यक्तियों के परिवारों को भी लाभ नहीं मिलेगा।
आवेदन के साथ लगाने होंगे ये दस्तावेज
हिमाचल का बोनाफाइड या स्थायी निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, परिवार की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, शहरी क्षेत्र के लिए राशन कार्ड, ग्रामीण क्षेत्र के लिए परिवार रजिस्टर की प्रति, बौद्ध भिक्षुणियों के लिए मुख्य चोमो द्वारा जारी प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना आवश्यक होगा। योजना का आवेदन पत्र जिला कल्याण अधिकारी अथवा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा। (SBP)
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