बरनाला के 22 साल के अग्निवीर जशनप्रीत सिंह की ट्रेनिंग के दौरान मौत; परिवार ने 'शहीद' का दर्जा देने की मांग की
कमलजीत सिंह संधू
बरनाला, 18 जून, 2026- बरनाला की राधा रानी कॉलोनी में रहने वाले एक देशभक्त परिवार में उस समय दुख की लहर दौड़ गई, जब उनके 22 साल के छोटे बेटे अग्निवीर जशनप्रीत सिंह की मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से मौत की खबर सामने आई। यह दुखद घटना उत्तर प्रदेश (UP) के फतेहगढ़ ट्रेनिंग सेंटर में हुई। इस दुखद खबर से जहां परिवार पूरी तरह सदमे में है, वहीं पूरे बरनाला इलाके में दुख की लहर दौड़ गई है।
मृतक अग्निवीर जशनप्रीत के पिता बूटा सिंह (रिटायर्ड फौजी), बड़े भाई अर्शदीप सिंह (मौजूदा फौजी) और टिंकू सिंह ने बताया कि परिवार में देश सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। पिता बूटा सिंह खुद 19 साल तक इंडियन आर्मी में सेवा दे चुके हैं और बड़े भाई अर्शदीप सिंह भी अभी आर्मी में देश की रक्षा कर रहे हैं। परिवार का यह जज़्बा देखकर जशनप्रीत सिंह भी डेढ़ साल पहले 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडियन आर्मी में 'अग्निवीर' के तौर पर शामिल हो गया।
इस दुखद घटना के बाद जशनप्रीत सिंह के पिता, मां चरणजीत कौर और बड़े भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। मां चरणजीत कौर ने बहुत भावुक होते हुए कहा कि किसी भी बेटे को उसकी मां से अलग नहीं किया जाना चाहिए। परिवार के लोग और इलाके के लोग सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जशनप्रीत की मौत देश की सेवा करते हुए ड्यूटी पर ट्रेनिंग के दौरान हुई, इसलिए उसे 'शहीद' का दर्जा दिया जाना चाहिए।
परिवार ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी आर्मी के सीनियर अधिकारियों ने फोन पर दी। आज आर्मी की टुकड़ी जशनप्रीत सिंह को धार्मिक और मिलिट्री परंपराओं के अनुसार सलामी देगी। दूसरी ओर, इस घटना पर अभी तक आर्मी अधिकारियों की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान या मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
मौत की असली वजह ऑफिशियल मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही पूरी तरह कन्फर्म हो पाएगी। दुख की इस घड़ी में अलग-अलग राजनीतिक, धार्मिक, एक्स-सर्विसमैन और समाजसेवी संगठन परिवार के साथ दुख बांटने पहुंच रहे हैं। 22 साल के अग्निवीर का निधन देश और परिवार के लिए एक कभी न पूरी होने वाली क्षति है।
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