Himachal IIT Research: Paddy Cultivation Worsened Punjab's Groundwater Crisis : आईआईटी मंडी की रिसर्च में बड़ा खुलासा, धान की खेती ने पंजाब का भूजल संकट बढ़ाया
बाबूशाही ब्यूरो
मंडी: 03 अगस्त 2026 : आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों के 20 वर्षीय अध्ययन में पंजाब में भूजल संकट को लेकर गंभीर तथ्य सामने आए हैं। शोध के अनुसार धान आधारित खेती और भूजल के लगातार दोहन से कई जिलों में भूजल भंडारण तेजी से घटा है, जबकि सिंचाई योग्य पानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है।
अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि मौजूदा खेती और सिंचाई व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। पंजाब का भूजल तेजी से खत्म हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह बारिश में कमी नहीं, बल्कि धान आधारित खेती और सिंचाई के लिए भूजल का लगातार बढ़ता दोहन है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के 20 वर्षों के अध्ययन में यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार यदि खेती के मौजूदा ढर्रे और सिंचाई व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में राज्य के कई हिस्सों में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। (SBP)
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