Himachal Pradesh: गांवों में रात रुके मुख्यमंत्री, छात्राओं की मांग पर खुला खजाना
रोहड़ू-रामपुर में तीन दिन तक गांवों के बीच रहे सुक्खू, 415 करोड़ की 89 विकास परियोजनाओं को दी सौगात
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 4 अक्तूबर 2026 : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर दौरा महज सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने पहाड़ के दूरदराज गांवों में पहुंचकर रात बिताई, ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को मौके पर सुना। इस दौरान कई मांगों पर तत्काल घोषणाएं हुईं। खास बात यह रही कि स्कूल भवन से लेकर सड़क, अस्पताल, बस सेवा और किसानों की उपज के दाम तक ग्रामीणों की जरूरतों को ही घोषणाओं का आधार बनाया गया।
1 से 3 अक्तूबर तक चले दौरे में मुख्यमंत्री ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लिए 182.87 करोड़ रुपये की 61 विकास परियोजनाओं और रामपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 232.93 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं की सौगात दी। यानी दोनों क्षेत्रों में करीब 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं को गति मिली।
जहां रात रुके, वहीं सुनी गांव की आवाज
दौरे की सबसे खास तस्वीर मुख्यमंत्री का दुर्गम क्षेत्रों में रात्रि प्रवास रहा। मुख्यमंत्री ने रोहड़ू के भटवाड़ी और रामपुर के काशा-पाट में रात बिताई। इन क्षेत्रों में रात्रि प्रवास करने वाले वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। इससे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच दूरी कम करने का संदेश गया।
भटवाड़ी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पुल, शिक्षा और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कई मांगों पर घोषणाएं भी कीं।
महिला मंडलों के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने, बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने और चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए भी पांच लाख रुपये देने तथा धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई के अधीन लाने की घोषणा हुई।
छात्राओं ने मांगा स्कूल भवन, मुख्यमंत्री ने दिए दो करोड़
मुख्यमंत्री के दौरे में विद्यार्थियों के साथ संवाद का अंदाज भी चर्चा में रहा। रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सीबीएसई विद्यार्थियों से संवाद के दौरान एक छात्रा ने स्कूल के नए भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मांग स्वीकार करते हुए नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा कर दी।
रामपुर में भी विद्यार्थियों से संवाद के दौरान शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और स्कूलों से जुड़े मुद्दे सामने आए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में एक छात्रा ने रचौली स्कूल के भवन निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इसे भी तत्काल स्वीकार करते हुए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
काशा-पाट में भी नए स्कूल भवन के लिए दो करोड़ रुपये देने और गांव में खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की गई।
सेब और दूध उत्पादकों को भी राहत
चिड़गांव में मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी करने की घोषणा की। इसके साथ ही मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब का खरीद मूल्य एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाने का ऐलान किया।
अब एमआईएस के तहत सेब 12 के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बागवानों को बाजार की चुनौती के बीच कुछ राहत मिलेगी।
सड़क से अस्पताल और तहसील तक कई घोषणाएं
रोहड़ू क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संदासू को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में उपतहसील खोलने तथा चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने की घोषणा हुई। जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई के अधीन लाने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत होने की जानकारी दी। इस सड़क से क्षेत्र के बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
काशा-पाट से रामपुर तक बस सेवा का भरोसा
रामपुर के दुर्गम काशा-पाट में रात्रि प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों को करीब से जाना। उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
तकलेच स्कूल को सीबीएसई के अधीन लाने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री के काशा-पाट पहुंचने को ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण माना, क्योंकि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों तक सरकारी तंत्र की पहुंच चुनौतीपूर्ण रहती है।
चिट्टा विरोधी अभियान में भी दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित एंटी चिट्टा रैलियों में हिस्सा लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने और हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को जरूरी बताया।
1,471 श्रमिकों को 5.78 करोड़ की सहायता
दौरे के दौरान नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1,471 पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
सरकार गांव के दरवाजे तक पहुंचाने की कोशिश
मुख्यमंत्री के इस दौरे का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि सरकार का फोकस केवल जिला मुख्यालयों और बड़े कस्बों तक सीमित नहीं है। दुर्गम गांवों में रात्रि प्रवास, ग्रामीणों से सीधा संवाद और मौके पर घोषणाओं के जरिए सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि पहाड़ के अंतिम छोर तक विकास योजनाओं और प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।
रोहड़ू और रामपुर दौरे में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बागवानी, पशुपालन और रोजगार से जुड़े मुद्दों को एक साथ साधने की कोशिश हुई। इस लिहाज से मुख्यमंत्री का तीन दिवसीय प्रवास ‘सरकार गांव के द्वार’ को केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण जरूरतों से सीधे नीति और विकास को जोड़ने की कवायद के रूप में सामने आया। (SBP)
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →