गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस कर्मियों के घुसने पर विवाद
बाबूशाही नेटवर्क
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर, 2026: कल गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन करने वालों और दिल्ली पुलिस कर्मियों के घुसने और प्रदर्शन करने को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, DSGMC के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके, हरसिमरत कौर बादल और अन्य कई राजनीतिक नेताओं ने इस विवाद के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
इस बीच, DSGMC के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने भी इस मामले पर पोस्ट किया है।
http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="pa" dir="ltr">ਕੱਲ੍ਹ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਖੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸ੍ਰੀ ਬੰਗਲਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਬੀਜੇਪੀ ਦੀ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਜਬਰਨ ਦਾਖਲ ਹੋਣ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿੱਚ ਨਿੰਦਾ ਕਰਦਾ ਹਾਂ... ਇਤਿਹਾਸ ਗਵਾਹ ਹੈ ਕਿ ਗੁਰੂ ਘਰ ਤਾਂ ਜ਼ਰੂਰਤਮੰਦਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਨ ਦੇਣ ਲਈ ਆਪਣੇ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਰੱਖਦੇ ਨੇ...ਜੇ ਕੱਲ੍ਹ ਪ੍ਰੋਟੈਸਟ ਕਰ ਰਹੇ ਇਸ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨ ਓਥੇ ਦਾਖਲ ਹੋ ਗਏ ਤਾਂ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦਾ ਸਿਧਾਂਤ ਹੈ ਕਿ ਸੇਵਾਦਾਰ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਰਨ ਦੇਣ... ਤਾਲਿਬਾਨੀ ਰਵੱਈਏ ਵਾਲੀ ਬੀਜੇਪੀ ਦੀ ਦਿੱਲੀ ਪੁਲਿਸ ਨੰਗੇ ਸਿਰ ਤੇ ਪੈਰਾਂ 'ਚ ਬੂਟ ਪਾ ਕੇ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਹੋਈ ਤੇ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਗੁਰੂ ਘਰ ਦੀ ਮਰਿਯਾਦਾ ਨੂੰ ਰੋਲਿਆ ਗਿਆ... ਸਿੱਖ ਕੌਮ ਇਸ ਸ਼ਰਮਨਾਕ ਹਰਕਤ ਲਈ ਬੀਜੇਪੀ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕਰੇਗੀ...</p>— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) <a href="https://x.com/BhagwantMann/status/2109107258177331597?ref_src=twsrc%5Etfw">October 11, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="qme" dir="ltr">#delhiprotests #gurdwara #politics #dsgmc #cec https://t.co/E7KeY5kWH7</p>— Harmeet Singh Kalka (@hskalka) <a href="https://x.com/hskalka/status/2108912657000804743?ref_src=twsrc%5Etfw">October 10, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">गुरु घर की पवित्रता पर सियासी हमला कतई बर्दाश्त नहीं! यह पवित्र परिसर गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब जी का है, गुरबाणी, सेवा, अरदास और सिख मर्यादा का पावन स्थान। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केजरीवाल के लोग गुरु घर के पवित्र आंगन को अपने राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी का मंच बना रहे हैं और केजरीवाल जी इस कृत्य को सही ठहराने में लगे हैं। राजनीति की भी एक सीमा और मर्यादा होती है। गुरु घर किसी राजनीतिक दल का अखाड़ा नहीं है। सत्ता की भूख में गुरु घर की मर्यादा और संगत की आस्था को चोट पहुँचाना न केवल निंदनीय है, बल्कि पूरी सिख संगत की भावनाओं का अपमान है। केजरीवाल जी और इस कृत्य का समर्थन करने वाले तमाम नेताओं को सिख समाज और संगत से तत्काल बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। सियासत कहीं और कीजिए, गुरु घर की पवित्रता और मर्यादा से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। गुरु की मर्यादा सर्वोपरि है!</p>— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) <a href="https://x.com/mssirsa/status/2108930715458863297?ref_src=twsrc%5Etfw">October 10, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">मोदी जी और अमित शाह जी, सिखों की आस्था और गुरुद्वारों की मर्यादा कोई राजनीतिक नौटंकी नहीं है, जिसका इस्तेमाल पंजाब में वोट माँगने के लिए करो और दिल्ली में उसी मर्यादा को तार-तार कर दो! क्या दिल्ली में वोट चोरी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले युवाओं को Detain करने के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब तक पुलिस भेज दी? युवाओं को डरा सकते हो, उनकी आवाज़ नहीं दबा सकते। वोट चोरी का हिसाब तो देना ही पड़ेगा!</p>— AAP (@AamAadmiParty) <a href="https://x.com/AamAadmiParty/status/2108884659019141427?ref_src=twsrc%5Etfw">October 10, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
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