Himachal Pradesh: पुलिस अफसरों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश, पुलिस भर्ती पेपर लीक प्रकरण में CBI की संस्तुति, DGP को भेजी रिपोर्ट
Babushahi Bureau
शिमला, 27 अप्रैल 2026 :
हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। सीबीआई ने अपनी जांच में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आधार पर चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। इस संबंध में सीबीआई की ओर से पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है।
सीबीआई के अनुसार यह मामला वर्ष 2022 में हुई पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक से जुड़ा है। यह परीक्षा 27 मार्च, 2022 को आयोजित हुई थी। पेपर लीक के मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने दो केस दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी, जो पहले कांगड़ा और शिमला में दर्ज एफआईआर से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि बिहार के भारत कुमार यादव और अरविंद कुमार सहित अन्य आरोपियों ने साजिश के तहत प्रश्नपत्र को चोरी कर उसे पैसे लेकर उम्मीदवारों तक पहुंचाया। यह पेपर गाजियाबाद स्थित एक निजी प्रिंटिंग प्रेस से लीक किया गया था, जहां प्रश्नपत्र की छपाई हो रही थी। सीबीआई के मुताबिक, प्रिंटिंग के दौरान ही प्रश्नपत्र को हासिल कर आरोपियों तक पहुंचाया गया और फिर इसे अलग-अलग जगहों पर उम्मीदवारों को बेचा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि 26 मार्च, 2022 को परीक्षा से एक दिन पहले हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न होटलों और स्थानों पर उम्मीदवारों को हल किया हुआ पेपर उपलब्ध कराया गया। सीबीआई ने इस मामले में कुल 88 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं, जिनमें अलग-अलग मामलों में 35 और 53 आरोपी शामिल हैं। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि भर्ती प्रक्रिया और जांच के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रिंटिंग प्रक्रिया में जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। प्रिंटिंग प्रेस का चयन बिना किसी औपचारिक टेंडर प्रक्रिया के किया गया और बाद में प्रेस की लोकेशन बदलने तथा सुरक्षा व्यवस्था पूरी न होने के बावजूद छपाई का काम जारी रखा गया। सीबीआई ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र के मसौदे को बिना सील और बिना किसी औपचारिक रिकॉर्ड के एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी को सौंपा गया। यहां तक कि अंतिम प्रश्नपत्र को व्हाट्सऐप के जरिए मंजूरी दी गई और कई दिनों तक प्रिंटिंग के दौरान कोई निगरानी नहीं रखी गई।
इसी दौरान 19 मार्च, 2022 को प्रश्नपत्र लीक हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भर्ती बोर्ड के स्तर पर निगरानी में कमी रही और प्रिंटिंग कमेटी के सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं किया। इसके अलावा जांच से जुड़े एक अधिकारी पर भी आरोप है कि उन्होंने जांच के दौरान कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया और एक बिचौलिए की भूमिका को शामिल नहीं किया।
पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सख्ती बढऩे की उम्मीद
सभी तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। इनमें से तीन अधिकारियों के खिलाफ मेजर पेनल्टी के लिए नियमित विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की गई है।
सीबीआई की इस रिपोर्ट को हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। (SBP)
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