इंटेल इंडिया के साथ कोलैबोरेशन से ’इंडियाएआई डेटा लैब’ की शुरुआत करने वाली देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में इंटेल इंडिया की अत्याधुनिक ’इंडियाएआई डेटा लैब’ से स्टूडेंट्स को मिलेगी प्रेक्टिकल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन, बढ़ेगी रोजगार पाने की क्षमता
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंटेल इंडिया के साथ कोलैबोरेशन से एमसीए डेटा साइंस और बीसीए डेटा साइंस प्रोग्राम किए लॉन्च, इंटेल सर्टिफिकेशन से स्टूडेंट्स की रोजगार क्षमता को जाएगा बढ़ाया
चंडीगढ़
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने दिग्गज टेक कंपनी इंटेल इंडिया के साथ कोलैबोरेशन से अत्याधुनिक ‘इंडियाएआई डेटा लैब’ की शुरुआत की। ताकि स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी सिखाकर सीधे बड़ी कंपनियों में नौकरी के काबिल बनाया जा सके। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स के लिए तैयार की गई यह खास लैब बिल्कुल किसी बड़ी कंपनी जैसा माहौल (सिम्युलेटेड अप्रेंटिसशिप) देगी, जहां स्टूडेंट्स सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि असल जिंदगी के प्रोजेक्ट्स पर खुद हैंड्स-ऑन एक्सपीरियंस और प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करेंगे। यहाँ से स्टूडेंट्स न केवल जरूरी तकनीकी हुनर और करियर ग्रोथ के गुर सीखेंगे, बल्कि खुद के एआई सॉल्यूशंस भी तैयार कर सकेंगे, जिससे भविष्य में उनके लिए देश-विदेश में बेहतरीन नौकरियों के रास्ते खुलेंगे।
सीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटिंग (यूआईसी) में ‘इंडियाएआई डेटा लैब’ के उद्घाटन समारोह में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम, प्रो. (डॉ.) रघुवीर वी.आर., चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव (इंजीनियरिंग) प्रो. (डॉ.) सचिन आहूजा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की कंप्यूटिंग डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मनीषा मल्होत्रा और इंटेल इंडिया के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
यह ‘इंडियाएआई डेटा लैब’ एडवांस लर्निंग, रिसर्च, इनोवेशन, फैकल्टी डेवलपमेंट, स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स और हैकाथॉन का हब बनेगी। साथ ही, यह इंडस्ट्री और एकेडेमिया को एक साथ लाने का काम करेगी, ताकि स्टूडेंट्स को वैश्विक स्तर की आधुनिक एआई टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकल सीखने का अनुभव मिल सके। यह लैब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगी, जिससे स्टूडेंट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में रोजगार के जरूरी हुनर सीख सकेंगे। यह कदम यूनिवर्सिटी में इनोवेशन को बढ़ावा देगा और एआई के क्षेत्र में हमेशा सबसे आगे रहने के हमारे लक्ष्य को पूरा करेगा।
इस मौके पर अपना संदेश देते हुए इंटेल की सीनियर डायरेक्टर (एशिया पैसिफिक और जापान, ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स) श्वेता खुराना ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में श्इंडियाएआई डेटा लैबश् की शुरुआत भविष्य की जरूरतों के हिसाब से श्एआई-रेडीश् युवा तैयार करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। स्टूडेंट्स को एआई पर्सनल कंप्यूटर्स की सुविधा और उन पर सीधे काम करने का प्रैक्टिकल अनुभव देकर, यह पहल उन्हें न केवल लेटेस्ट एआई टेक्नोलॉजी सीखने और नए इनोवेशन करने के काबिल बनाएगी, बल्कि कॉलेज की पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को भी दूर करेगी। इंटेल में, हमारा यही लक्ष्य है कि हम युवाओं को उन सभी जरूरी स्किल्स, टूल्स और मौकों से मजबूत बनाएं, जिनकी मदद से वे आज की इस एआई-संचालीत दुनिया में कामयाबी हासिल कर सकें और आगे बढ़कर देश का नेतृत्व कर सकें।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, प्रोफेसर (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि हम चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कैंपस में श्इंडियाएआई डेटा लैबश् की स्थापना के लिए इंटेल इंडिया के साथ हमारे कोलैबोरेशन में दूरदर्शी मार्गदर्शन देने के लिए श्वेता खुराना (सीनियर डायरेक्टर, एशिया पैसिफिक और जापान, गवर्नमेंट पार्टनरशिप्स एंड इनिशिएटिव्स, ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स, इंटेल) का धन्यवाद करना चाहेंगे। इंटेल इंडिया के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में श्इंडियाएआई डेटा लैबश् का उद्घाटन एक विशेष अवसर है, क्योंकि हम स्टूडेंट्स को कुछ असाधारण करने में सक्षम बनाना चाहते हैं, जो रोजमर्रा की सामान्य पढ़ाई से बढ़कर हो। आज कोई भी उबाऊ क्लासरूम टीचिंग नहीं चाहता, क्योंकि यह एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और ग्रुप डिस्कशन ही हैं जो पढ़ाई को दिलचस्प बनाते हैं। यह इंडियाएआई डेटा लैब न केवल पंजाब बल्कि पूरे भारत में पहली बार किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में स्थापित की गई है। इस तरह की अत्याधुनिक और बेहतरीन लैब का होना वास्तव में हमारे लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और इंटेल इंडिया के बीच लगभग तीन वर्षों के निरंतर सहयोग, योजना और तालमेल के प्रयासों का परिणाम है। यह साझेदारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में इंडस्ट्री के अनुकूल कौशल से लैस, भविष्य के लिए तैयार टैलेंट को तैयार करने पर केंद्रित रही है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में इंडियाएआई डेटा लैब की स्थापना, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एआई और डेटा साइंस की शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इंटेल के साथ सीयू की यह पार्टनरशिप, भविष्य के लिए ऐसे टैलेंट को तैयार करने पर केंद्रित है, जो एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और उभरती हुई टेक्नोलॉजी में इंडस्ट्री से जुड़े जरूरी हुनर से लैस हों। इंडियाएआई डेटा लैब, एडवांस लर्निंग, रिसर्च, इनोवेशन, फैकल्टी डेवलपमेंट, स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग के लिए एक हब के तौर पर काम करेगा। यह लैब सीयू के स्टूडेंट्स को अत्याधुनिक एआई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के मुताबिक प्रैक्टिकल लर्निंग के अनुभव उपलब्ध कराएगी। इंडियाएआई डेटा लैब, एडवांस लर्निंग, रिसर्च, इनोवेशन, फैकल्टी डेवलपमेंट, स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग के लिए एक हब के तौर पर काम करेगा। यह लैब स्टूडेंट्स को अत्याधुनिक एआई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के मुताबिक प्रैक्टिकल लर्निंग के अनुभव उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि अकादमिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए यूआईसी ने इंटेल के सहयोग से एमसीए (डाटा साइंस) और बीसीए (डाटा साइंस) प्रोग्राम शुरू किए हैं। इन प्रोग्राम की एक खास बात यह है कि स्टूडेंट्स को हर सेमेस्टर में इंटेल सर्टिफिकेशन हासिल करने का मौका मिलेगा, जिससे तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी इंडस्ट्री के लिए तैयारी और रोजगार पाने की क्षमता बढ़ेगी। इस सहयोग से पहले ही शानदार उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। पिछले साल हुए इंटेल एआई समिट के दौरान संस्थान के स्टूडेंट्स ने जबरदस्त इनोवेशन और तकनीकी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। बीसीए स्टूडेंट्स की एक टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया, जिससे संस्थान को पहचान मिली और इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड लर्निंग की प्रभावशीलता साबित हुई।
इंटेल के साथ इस सांझेदारी के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एक समर स्कूल प्रोग्राम ’एआई फॉर फ्यूचर वर्कशॉप‘ आयोजित की, जिसमें एमसीए, बीसीए और कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) प्रोग्राम के 2,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। इस समर स्कूल प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को एआई टूल्स, टेक्नोलॉजी और असल दुनिया में उनके इस्तेमाल के बारे में ट्रेनिंग मिली और उन्हें इन चीजों का प्रैक्टिकल अनुभव भी मिला।
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