Himachal Pradesh: New Tunnels On Manali-Leh NH: मनाली-लेह मार्ग पर बनेंगी तीन नई सामरिक सुरंगें, लद्दाख तक सालभर निर्बाध संपर्क का रास्ता होगा साफ
दारचा से शशिभूषण पुरोहित की विशेष रिपोर्ट
15 जून, 2026
केंद्र सरकार ने सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है कि मनाली-लेह मार्ग पर तीन नई सामरिक सुरंगों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इन सुरंगों के निर्माण से लद्दाख तक वर्षभर निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित होगा तथा सीमा क्षेत्रों में सेना की त्वरित तैनाती और रसद आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।
प्रस्तावित सुरंगें हिमाचल प्रदेश के बारालाचा ला, लाचुंग ला और तंगलंग ला दर्रों के नीचे बनाई जाएंगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भारी बर्फबारी के कारण लंबे समय तक बंद रहने वाला यह मार्ग अधिक समय तक यातायात के लिए खुला रह सकेगा। साथ ही लेह और लद्दाख क्षेत्र का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क और अधिक सुगम होगा।
तीन प्रस्तावित सुरंगें
1. बारालाचा ला दर्रे के नीचे सुरंग
लंबाई : 13 किलोमीटर
अनुमानित लागत : ₹8,800 करोड़
डीपीआर लक्ष्य : अक्टूबर 2026
2. लाचुंग ला दर्रे के नीचे सुरंग
लंबाई : 11 किलोमीटर
अनुमानित लागत : ₹4,500 करोड़
डीपीआर लक्ष्य : दिसंबर 2026
3. तंगलंग ला दर्रे के नीचे सुरंग
लंबाई : 5 किलोमीटर
अनुमानित लागत : ₹2,250 करोड़
डीपीआर लक्ष्य : मार्च 2027
इन तीनों परियोजनाओं पर कुल ₹15,550 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना
विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना चीन और पाकिस्तान से लगती सीमाओं के संदर्भ में भारत की सामरिक तैयारियों को और मजबूत करेगी। सुरंगों के निर्माण से सेना को सीमावर्ती क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी और आवश्यक सैन्य सामग्री व रसद की आपूर्ति भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
मनाली-लेह मार्ग पर पहले से संचालित अटल टनल रोहतांग तथा प्रस्तावित शिंकूला सुरंग के साथ मिलकर ये नई सुरंगें लद्दाख को देश के बाकी हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
यात्रियों को भी मिलेगा बड़ा लाभ
वर्तमान में बारालाचा ला, लाचुंग ला और तंगलंग ला जैसे ऊंचे दर्रे भारी हिमपात के कारण हर वर्ष कई महीनों तक बंद रहते हैं। सुरंगों के निर्माण के बाद इन मौसमजनित बाधाओं का प्रभाव काफी कम हो जाएगा। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और मनाली-लेह मार्ग की कुल दूरी में लगभग 50 किलोमीटर तक कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
प्रमुख फायदे
लद्दाख तक सालभर सड़क संपर्क।
सेना की तेज तैनाती और बेहतर रसद आपूर्ति।
यात्रा समय और ईंधन की बचत।
मार्ग की दूरी में लगभग 50 किलोमीटर तक कमी।
पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को नई गति।
इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साकार होने पर मनाली-लेह मार्ग न केवल देश के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक गलियारों में शामिल होगा, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नई संभावनाएं लेकर आएगा।
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