Himachal Landslide Alert : लैंड स्लाइड से पहले मिलेगी सटीक जानकारी, मंडी IIT के ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ से टलेगा आपदा का जोखिम
बाबूशाही ब्यूरो
मंडी: 09 जुलाई 2026 : हिमालयन रिजन में पहाड़ दरकने से पहले ही इसकी सूचना मिलेगी। मंडी आईआईटी ने लैंड स्लाइड का पूर्वनुमान लगाने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया है। भारत में उपलब्ध अन्य भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणालियों की तुलना में मंडी आईआईटी का लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम पूरे भारतीय हिमालयी क्षेत्र को कवर करता है। इससे यह देश की सबसे व्यापक प्रणालियों में से एक बन गया है।
इस प्रणाली को शोधकर्ताओं ने बहु-स्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से विकसित किया है। जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में भूस्खलन की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। भारतीय हिमालयी क्षेत्र विशेष रूप से आपदा के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। यहां हर वर्ष अनेक ढलानों के ध्वस्त होने से जन-धन की भारी हानि होती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के वैज्ञानिकों ने एक पूर्णत: परिचालनात्मक लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया है।
लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम एक ऐसी पूर्व चेतावनी प्रणाली है जो स्थलाकृति की संवेदनशीलता और वास्तविक समय (रियल-टाइम) वर्षा संबंधी आंकड़ों के आधार पर भूस्खलन की संभावना का पूर्वानुमान लगाती है। यह प्रणाली संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए समय रहते चेतावनी जारी करती है, जिससे प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकें। इस शोध का नेतृत्व आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग के प्रो डेरिक्स प्रेज़ शुक्ला ने किया। इस शोध में उनके शोधार्थी अंकित सिंह और नितेश धीमान भी शामिल रहे। (SBP)
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →