Himachal: State level Guleri Jayanti : प्रख्यात साहित्यकार पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की जयंती पर कुल्लू में जुटे साहित्यकार, भाषा विभाग ने करवाया आयोजन
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू : 08 जुलाई 2026 :
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा हिमाचल के प्रसिद्ध साहित्यकार पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की राज्य स्तरीय जयंती का आयोजन मंगलवार को देव सदन, ढालपुर, कुल्लू में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अश्वनी कुमार अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में रूसी क्यूरेटर तथा इंडियनक्यूरेटर आईआरएमटी तथा गुलेरी परिवार की वंशज अदिति गुलेरी उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर सुशील कुमार फुल्ल ने की। मुख्य अतिथि ने प्रथम सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। उसके बाद अतिरिक्त निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग चंदन कपूर द्वारा मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि को शॉल टोपी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि साहित्य समाज का आईना है। साहित्यकार समाज की घटनाओं पर विमर्श करते हैं, वे अपने विचारों को कविता, निबंध, कहानियों, लेखों आदि के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि पठन- पाठन की आदत हमारे दैनंदिन जीवन का नियमित अंग होना चाहिए तथा सोशल मीडिया के इस दौर में तथ्यपरक पठन -पाठन एवं लेखन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
लेखक गोष्ठी में डॉ. दयानन्द गौतम ने 'पं. चन्द्रधर शर्मा गुलेरी :'निबंधकार एवं व्यंग्यकार' विषय पर शोध पत्र पढ़ा तथा प्रदेश भर से आए लेखकों डॉ. हेमराज कौशिक, विजय विशाल, निरंजन देव शर्मा, अदिति गुलेरी, अशोक दर्द, सत्यनारायण स्नेही, राजेंद्र राजन द्वारा चर्चा की गई। तत्पश्चात जिला कुल्लू के महाविद्यालय व विद्यालयों से आए हुए विद्यार्थियों के साथ प्रदेश में से आए हुए साहित्यकारों ने संवाद किया, जिसमें पंडित शर्मा गुलेरी जी के व्यक्तित्व कृतित्व पर तथा कविता, कविता के तत्व तथा कविता किन-किन विषयों पर लिखी जाती है, इत्यादि पर मंथन हुआ।
द्वितीय सत्र में पं. चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा लिखित कहानी "बुद्धू का कांटा" पर रंग सभा के कलाकारों द्वारा नाटक का मंचन किया गया। नाटक के उपरांत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में जय प्रकाश शर्मा, अशोक कालिया, रविंद्र चंदेल, सुमन चड्ढा, डॉक्टर जयचंद जयसवाल, कृष्ण चंद्र महादेवी, अजेय, शंकर वशिष्ठ, हेमंत अत्रि, टी सी सावन, इंदु भारद्वाज, बीना शर्मा, अरुण डोगरा ऋतु, रतन चंद निर्झर, देवकन्या, सरोज परमार, ईश्वर राही, दीपराज विश्वास आदि लगभग 30 से 35 कवियों ने भाग लिया।
द्वितीय सत्र के विशिष्ट अतिथि हिमाचल के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉक्टर हेमराज कौशिक रहे तथा सत्र की अध्यक्षता द्विजेन्द्र द्विज ने की। इस अवसर पर हिमाचल राज्य अभिलेखागार द्वारा ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसका निकटवर्ती विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र एवं छात्राओं ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग सुरेश राणा ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक मोहन ठाकुर, सुनीला ठाकुर, जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया उपस्थित रहे। (SBP)
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